दुर्ग।शैक्षिक गुणवत्ता में वृद्वि एवं कम उपलब्धि स्तर वाले स्कूलों के शैक्षिक सुधार को लक्ष्य कर धमधा विकासखण्ड के बीईओ श्री डी. एल. डहरिया, बीआरसीसी महावीर वर्मा की उपस्थिति में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कलेक्टर दुर्ग के निर्देशन में जिला एवं ब्लाक स्तर पर शिक्षकों की एक टीम बनाया गया है जिसे पीयर्स गु्रप नाम दिया गया है इस गु्रप के शिक्षकों के द्वारा चिन्हांकित स्कूलो में उपस्थित होकर शैक्षिक सपोर्ट प्रदान किया जाएगा। साथ ही कठिन अवधारणा आधारित अच्छे विडियो का निर्माण कर शेयर किया जायेगा। प्रश्न बैंक का निर्माण एवं गतिविधि आधारित मॉडल टिचिंग किया जायेगा।
बीईओ ने बताया की शिक्षक किसी भी शिक्षा प्रणाली की सफलता की कुंजी है शिक्षक बच्चों के निरंतर आत्म विकास में केंद्रिय भूमिका निभाते हैं वे मार्गदर्शक प्रेरक और संरक्षक है। अच्छी गुणवत्ता वाली शिक्षा बच्चों को जीवन में सफल होने के लिए तैयार करती है एक शिक्षक को लगातार अपने कार्यो और दायित्वो के लिए जागरूक रहना चाहिए। विद्यालयीन समय पर उपस्थित होकर संपूर्ण उर्जा के साथ अध्यापन कार्य को करना चाहिए।पी टी एम और दैनंदिनी लेखन के महत्व और उपयोगिता पर प्रकाश डाला। सभी उपस्थित शिक्षकों ने लर्निग आउटकम के आधार पर बच्चों के शैक्षिक विकास पर विचार मंथन किए शैक्षणिक समस्याओं के चिन्हांकन और समयबद्व मूल्यांकन की आवश्यकता पर चर्चा परिचर्चा कर योजना बनाई इस अवसर पर एबीईओ श्रीमती संगीता देवांगन ने भी मार्गदर्शन प्रदान किये।
ग्रुप के सदस्य श्रीमती मंजू सिंह, श्री मनोज साहू, श्री नीलमचंद ताम्रकार,श्री सूर्यकांत हरदेल,श्री सिद्वार्थ सिंह भुवाल,श्रीमती पायल बंछोर,श्री किशोर तिवारी,श्रीमती दिव्या साहू , श्री भूषण सिन्हा,श्री मनोज मरकाम,श्री कैलाश नागवंशी,श्री जीवधन दास मानिकपुरी,श्री डाम्हर साहू,श्री नीलेश पिपरिया ने कार्यशाला में अपनी उपस्थिति प्रदान की।







