रायपुर।
*छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन द्वारा प्रदेशभर में कर्मचारियों के हितों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदेश सरकार की “मोदी की गारंटी” योजना को लेकर कर्मचारियों में भारी असंतोष देखा गया, जिसके चलते आज इंद्रावती भवन से लेकर प्रदेशभर के शासकीय कार्यालयों में सन्नाटा छाया रहा। अधिकांश स्कूलों में ताले लटके रहे। नगरीय निकायों के कर्मचारियों ने अवकाश लेकर प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में भी शिक्षक एवं कर्मचारियों ने अवकाश लेकर फेडरेशन के आंदोलन का समर्थन किया। आंदोलन के कारण वरिष्ठ अधिकारियों को नवा रायपुर स्थित शासकीय कार्यालयों तक पहुंचने में कठिनाई हुई।*

छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के प्रांतीय प्रवक्ता चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि फेडरेशन के आह्वान पर रायपुर में कलम बंद, काम बंद आंदोलन को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला। नवा रायपुर में श्री कमल वर्मा प्रांतीय संयोजक एवं श्री जय कुमार साहू के नेतृत्व में इंद्रावती सहित अन्य विभागाध्यक्ष कार्यालयों में जोरदार प्रदर्शन किया गया। इंद्रावती स्थित सभी कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। प्रदर्शन के दौरान, श्री डी डी तिग्गा, एवं श्री रामसागर कौशले, श्रीमती जगदीप बजाज श्री कुमार वर्मा, श्री संजीत शर्मा, श्री सुरेंद्र मार्कण्डेय, श्री लोकेश वर्मा, श्री नितिन आठनकर, श्री युवराज शर्मा, श्री सुभाष श्रीवास्तव, श्रीमती सोनाली तिड़के, श्री देवाशीष दास,श्री महेंद्र साहू, श्री अमित शर्मा, श्री जयमंगल पटेल, श्री राजकुमार सौंधिया,श्री राजेश ठक्कर, श्री अनिल मालेकर,श्री सुरेश ढीढी, श्री हेमप्रसाद गायकवाड़, श्री अजय देशमुख,श्री टाकेश ठाकुर, श्री योगेश निषाद, श्री जितेंद्र यादव, श्री योगेंद्र निशाद, दीपाली दास, श्री कृष्ण कुमार यादव, श्री नरेश साहू, श्री तिजराम वर्मा ,श्री अनिमेष टंडन,श्री मुकेश, श्री रफीक खान आदि उपस्थित रहे।
रायपुर सभा स्थल पर जिला संयोजक पीतांबर पटेल के नेतृत्व में कर्मचारियों ने असरदार प्रदर्शन किया। सभा स्थल अब नई साहिबो, अब नई साहिबो, मोदी के ग्रांट लेकर रहीबो नारे से गूंजता रहा। रायपुर के सही शासकीय कार्यालयों एवं स्कूलों में ताले लटके थे। आमसभा के दौरान श्री कमल वर्मा प्रांतीय संयोजक, श्री राकेश शर्मा,श्री बी पी शर्मा,श्री सतीश मिश्रा,श्री आर के रिछारिया,श्री आलोक नागपुरे, श्री अजीत दुबे,श्री आर एन ध्रुव,श्री विजय झा, श्री पीतांबर पटेल जिला संयोजक,श्री रामचंद तांडी,श्री उमेश मुदलियार ,श्रीमती ऋतु परिहार,श्री अश्वनी चेलक, डॉ गदाधर पंडा,श्री अशोक पटेल,श्री रमेश ठाकुर, श्रीमती रीना राजपूत, श्रीं संजय शर्मा, श्रीमती सुधा वर्मा, श्री सी एल दुबे,श्रीमती नीलम सोनी, श्री बिहारी शर्मा, डॉ कृष्ण कुमार लहरे, श्री हेमंत साहू, श्री गोपाल देशमुख, श्री प्रदीप मिश्रा, श्री नरेश वाढेर,श्री आलोक जाधव, श्री मुक्तेश्वर देवांगन,श्री तिलक यादव, मोहम्मद फिरोज, श्री प्रवीण डीडवंशी, फारुख कादरी, बुद्धेश्वर वर्मा, श्री सी के वर्मा,मानिक लाल मिश्रा, श्री विवेक साहू,श्री कुंतल बाघमार, श्री संदीप शर्मा श्री संजय शुक्ला डॉ स्नेहलता गौतम, श्री विमल चंद कुंडू ,श्रीमति देवमणि साहू, श्री राजू शर्मा, श्री बुधराम सारंग, श्री अनमोल शर्मा, श्री देवव्रत शर्मा, श्री मनीष देवांगन, श्री प्रमोद राव जाधव, श्री वीरेंद्र कौशले,श्री राघवेंद्र मिश्रा, श्री मृत्युंजय शुक्ला, श्री आकाश मोहन झा सहित हजारों कर्मचारी-अधिकारी उपस्थित रहे। आमसभा का संचालन श्री पंकज पांडेय ने किया।
फेडरेशन द्वारा घोषित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन की जमीन तैयार हो चुकी है । फेडरेशन के आह्वान पर 22 अगस्त को काम बंद, कलम बंद आंदोलन को प्रदेशभर में व्यापक समर्थन मिला है।फेडरेशन के पदाधिकारियों को सभी जिला संयोजकों ने सरकार यदि संवाद नहीं करती है तो अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान करने आह्वान किए है।
फेडरेशन की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
1️⃣ केंद्र सरकार के समान कर्मचारियों एवं पेंशनरों को देय तिथि से महंगाई भत्ता (DA) लागू किया जाए।
2️⃣ DA एरियर्स की राशि कर्मचारियों के GPF खाते में समायोजित की जाए।
3️⃣ सभी कर्मचारियों को चार स्तरीय समयमान वेतनमान दिया जाए।
4️⃣ लिपिकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाए।
5️⃣ प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए संपूर्ण सेवा लाभ दिया जाए।पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाए।
6️⃣ सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान दिया जाए।नगरीय निकाय के कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन एवं समयबद्ध पदोन्नति दिया जाए।
7️⃣ अनुकंपा नियुक्ति नियमों में 10 प्रतिशत सीलिंग में शिथिलीकरण की जाए।
8️⃣ प्रदेश में कैशलेश सुविधा लागू की जाए।
9️⃣ अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस की जाए।
🔟 दैनिक,अनियमित,संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की ठोस नीति बने।
1️⃣1️⃣ सभी विभागों में समानता लाते हुए सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष की जावे।





