हरिनाला से लोगों को मिला राहत,वर्षों से परेशान हो रहे थे राहगीर।


पंडरिया-नगर के कवर्धा मार्ग पर हरिनाला में पुल बनने से लोगों ने अब राहत की सांस ली है।अब नगरवासी व राहगीरों को नाले के बाढ़ में रुकना नहीं पड़ रहा है।ज्ञात हो कि नगर के हरिनाला में बाढ़ के कारण बरसात के दिनों में कवर्धा-बिलासपुर नेशनल हाईवे सप्ताह भर तक बंद हो जाता था।जिसके चलते नगरवासियों व सफर करने वाले राहगीरों को पंडरिया पहुंचकर भटकना पड़ता था।हरिनाला में बाढ़ के कारण कवर्धा जाने के लिए कुम्ही,कुंडा तथा अन्य ग्रामीण मार्गों से जाना पड़ता था।
वर्ष में पांच से सात बार यह मार्ग पूर्ण रूप से अवरुद्ध हो जाता था।राखी व तीज पर्व पर प्रायः बाढ़ के चलते यह मार्ग बंद रहता था।लोग इस नाले को पार करने के लिए गुड़ बनाने वाले बड़े कराव व तेल की टिन का उपयोग भी करते थे।कवर्धा गए लोगों व बिलासपुर से आने वाले राहगीरों को नाले के बाढ़ की चिंता रहती थी।नाले में पुल बन जाने से अब बाढ़ की चिंता दूर हो गयी है।वहीं अब इस नेशनल हाईवे में रुकावट नहीं रह गई है।
20 वर्षों से हो रही थी मांग*-हरिनाला में पहले एक छोटा रपटा था।जिसमें क्रांन्ति बांध भरने के बाद हल्की बारिश होने पर सड़क के ऊपर से पानी चलने लगता था और मार्ग अवरुद्ध हो जाता था।इस पर पुल बनाने की मांग पिछले 20 वर्षों से की जा रही थी।रमन सरकार के 15 वर्ष तथा भूपेश बघेल के 5 सालों में यह पुल नहीं बन पाया था।भूपेश सरकार के दौरान इस पुल निर्माण की स्वीकृति मिली किन्तु आचार संहिता के चलते कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में नहीं बन पाई।वर्तमान विष्णुदेव सरकार में इस पुल का निर्माण हुआ।पिछले माह मुख्य्मंत्री विष्णु देव ने इस पुल को जनता के लिए लोकार्पित किया।यह पुल नगर के लिए एक बहुत बड़ी समस्या के रूप में थी।बाढ़ के कारण स्कूली व कालेज बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाते थे।वहीं बाढ़ के कारण अघोषित छुट्टी हो जाती थी। वहीं जिला मुख्यालय जाने,स्वास्थ्य व यातायात सुविधा में परेशानी होती थी।