पाटन।
प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर पाटन ब्लॉक में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पात्र और अपात्र हितग्राहियों के चयन में कथित गड़बड़ी को लेकर अब लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आने लगा है। आरोप है कि जो लोग पहले योजना के तहत पात्र थे, उन्हें अचानक अपात्र घोषित कर दिया गया, जिससे पूरे चयन प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।
मामले में नोडल अधिकारी की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। ग्रामीणों का कहना है कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और जानबूझकर कई जरूरतमंदों को योजना से बाहर कर दिया गया।
इसी मुद्दे को लेकर अब आंदोलन की जमीन तैयार हो चुकी है। पाटन ब्लॉक के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में हितग्राही 31 मार्च को पाटन पहुंचकर सक्षम अधिकारी को ज्ञापन सौंपेंगे। जानकारी के मुताबिक हर गांव से 10 से 20 लोगों के समूह में हितग्राही शामिल होंगे, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ना तय माना जा रहा है।
वहीं, अगर मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 7 अप्रैल को पाटन में बड़ा धरना-प्रदर्शन किए जाने की चर्चा जोरों पर है। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि उनके साथ न्याय नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र होगा।
पाटन ब्लॉक में पीएम आवास योजना के चयन में भेदभाव के आरोपों ने अब राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है। ऐसे में प्रशासन की अग्निपरीक्षा अब नजदीक है—क्या पात्रों को उनका हक मिलेगा या फिर मामला और गरमाएगा, यह आने वाला समय बताएगा।







