मर्रा सुशासन शिविर से पहले गरमाई राजनीति: अधिकारियों की “चुप्पी” पर भड़के जनपद सदस्य, सद्बुद्धि यज्ञ की चेतावनी

पाटन। मर्रा में आज आयोजित होने वाले सुशासन शिविर से पहले प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर माहौल गर्मा गया है। जनपद सदस्य रवि सिन्हा ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यदि जिम्मेदार अफसरों को जनता की समस्याएं दिखाई नहीं दे रही हैं, तो उन्हें “सद्बुद्धि” दिलाने के लिए यज्ञ कराना पड़ेगा।

दरअसल, रवि सिन्हा ने पिछले शिविर में ज्ञापन सौंपकर शिकायत की थी कि गांव की शासकीय भूमि पर कब्जा कर एक व्यक्ति द्वारा अवैध रूप से ईंट निर्माण कराया जा रहा है। मामले में कार्रवाई की मांग लंबे समय से की जा रही थी। बुधवार को राजस्व विभाग के नायब तहसीलदार और पटवारी जांच के लिए मौके पर पहुंचे, लेकिन आरोप है कि शिकायतकर्ता और क्षेत्र के जनप्रतिनिधि रवि सिन्हा को ही जांच की सूचना नहीं दी गई।

यहीं से पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया। बिना आवेदक की मौजूदगी के की गई जांच को लेकर अब सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब शिकायत करने वाले जनप्रतिनिधि को ही नजरअंदाज किया जा रहा है, तो आम जनता की शिकायतों का क्या हाल होगा।

रवि सिन्हा ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अधिकारी सिर्फ औपचारिकता निभाने में लगे हैं, जबकि जमीन पर अवैध कब्जे और निर्माण जैसे गंभीर मामलों को दबाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि यदि प्रशासन ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की तो आज 14 मई को मर्रा में आयोजित सुशासन शिविर स्थल के बाहर “सद्बुद्धि यज्ञ” कर विरोध जताया जा सकता है।

अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन मामले को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करता है या फिर सुशासन शिविर में ही विरोध की आग और भड़कती है।