वन अधिकार अधिनियम 2006 की धारा 5 के तहत ग्राम सभा निरई द्वारा 350 सीड बॉल का निर्माण..वन संरक्षण हेतु सामुदायिक पहल

नगरी/ सिहावा,बेलरगांव।अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006 की धारा 5 में ग्राम सभा को प्रदत्त शक्तियों एवं दायित्वों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आज ग्राम निरई, ग्राम पंचायत मोहेरा, विकासखंड मगरलोड में सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समिति एवं ग्राम सभा की संयुक्त बैठक आहूत की गई।
उक्त बैठक में जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा एवं सामुदायिक वन संसाधनों के संरक्षण, संवर्धन तथा पुनर्जीवन के उद्देश्य से व्यापक चर्चा उपरांत सामूहिक श्रमदान के माध्यम से सीड बॉल निर्माण गतिविधि संपन्न की गई। ग्राम सभा एवं CFRMC सदस्यों द्वारा स्थानीय रूप से उपलब्ध मिट्टी, गोबर, भूसा एवं तेंदू, करंजी, बहेड़ा, सराई, बोईर, इमली, महुआ, आम, मुनगा, कुसुम आदि फलदार एवं इमारती प्रजातियों के बीजों का मिश्रण कर कुल 350 सीड बॉल तैयार किए गए। इन सीड बॉल का छिड़काव आगामी वर्षा ऋतु में अधिसूचित सामुदायिक वन अधिकार क्षेत्र में किया जाएगा।
कार्यक्रम में प्रयोग समाज सेवी संस्था, जिला धमतरी की जिला समन्वयक श्रीमती लोकेश्वरी वट्टी, कार्यकर्ता सुश्री भुनेश्वरी मरकाम, श्री जनक मरावी तथा वन विभाग से बीट फॉरेस्ट ऑफिसर श्री मनोज कुमार गायकवाड़ ने तकनीकी एवं संस्थागत मार्गदर्शन प्रदान किया।
इस अवसर पर CFRMC अध्यक्ष श्री नरोत्तम कुमार ध्रुव, सचिव श्री रोहित कुमार ध्रुव सहित समिति के सदस्यगण एवं बड़ी संख्या में ग्राम सभा सदस्य उपस्थित रहे।
वन अधिकार अधिनियम 2006 की धारा 5 ग्राम सभा को वन्यजीव, वन एवं जैव विविधता के संरक्षण तथा आवास को विनाश से बचाने का अधिकार एवं कर्तव्य प्रदान करती है। ग्राम सभा निरई द्वारा की गई यह पहल अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप वनों के सतत प्रबंधन की दिशा में एक ठोस कदम है।