नगरी/ सिहावा, बेलरगांव।विकासखंड नगरी अंतर्गत ग्राम पंचायत घुरावड में मंगलवार सुबह लगने वाले भैंस बाजार को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। भीषण गर्मी के बीच बाजार में लाए जा रहे मवेशियों के लिए न तो पीने के पानी की समुचित व्यवस्था दिखाई दे रही है और न ही खाने के लिए पैरा अथवा चारे की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ऐसे में पशुओं की हालत को लेकर पशुपालकों एवं ग्रामीणों में नाराजगी देखी जा रही है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बाजार का संचालन नियमों को दरकिनार कर किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि बाजार संचालन के लिए न तो किसी प्रकार की खुली नीलामी प्रक्रिया अपनाई गई और न ही ग्राम पंचायत की ओर से कोई सार्वजनिक सूचना अथवा इश्तहार जारी किया गया। इसके बावजूद पूर्व में बाजार संचालित करने वाला ठेकेदार ही दोबारा बाजार चला रहा है, जिससे पूरे मामले में पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बाजार में बड़ी संख्या में भैंसों और अन्य मवेशियों को लाया जाता है, लेकिन मूलभूत सुविधाओं के अभाव में पशु तेज धूप में घंटों खड़े रहने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी में पानी और चारे की व्यवस्था नहीं होना पशु क्रूरता की श्रेणी में भी माना जा सकता है।
जब इस संबंध में ग्राम पंचायत घुरावड की सरपंच से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि कम मात्रा में बाजार पंचायत के प्रस्ताव अनुसार संचालित किया जा रहा था। हालांकि बाजार संचालन, नीलामी प्रक्रिया और अधिकृत अनुमति को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई।
अब ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर बाजार संचालन की वैधानिक प्रक्रिया, पंचायत की भूमिका और पशुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। क्षेत्र में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग जिम्मेदार अधिकारियों से कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं






