डोंगरगढ़ में अवैध कब्जों और स्थानीय हितों की अनदेखी को लेकर उठे सवाल

केशव साहू
राजनांदगांव-डोंगरगढ़ नगर के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध कब्जों और स्थानीय लोगों के हितों की अनदेखी को लेकर नागरिकों में चिंता बढ़ती जा रही है। कई लोगों का आरोप है कि शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों से बाहरी राज्यों से आकर बसे लोगों द्वारा बड़े पैमाने पर भूमि पर कब्जा कर मकान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान खड़े किए गए हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर और आसपास के क्षेत्रों में सरकारी, सार्वजनिक तथा विवादित भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं। इसके बावजूद व्यापक सर्वेक्षण और निष्पक्ष जांच की मांग लंबे समय से की जा रही है। लोगों का मानना है कि यदि राजस्व, नगर पालिका और संबंधित विभाग संयुक्त रूप से जांच करें तो वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि स्थानीय युवाओं को रोजगार, व्यवसाय और अन्य अवसरों के लिए संघर्ष करना पड़ता है, जबकि बाहरी लोगों का प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों में असंतोष की भावना देखी जा रही है।

नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी एवं सार्वजनिक भूमि का सर्वेक्षण कराया जाए, अवैध कब्जों की जांच की जाए तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही स्थानीय लोगों के अधिकारों और हितों की सुरक्षा के लिए विशेष पहल करने की भी मांग की गई है।

हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन का कहना है कि यदि किसी नागरिक के पास अवैध कब्जे या अनियमितताओं से संबंधित तथ्य एवं दस्तावेज हैं, तो वे संबंधित विभाग को शिकायत प्रस्तुत कर सकते हैं, जिस पर नियमानुसार जांच की जाएगी।