
पाटन।। सोमवार शाम हुई तेज बारिश किसानों के लिए आफत बनकर आई। ग्राम तरीघाट सहित आसपास के कई गांवों में किसानों के खलिहानों में रखे धान पानी की तेज धार के साथ गलियों में बह गए, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

बताया जा रहा है कि किसानों ने ग्रीष्मकालीन फसल के रूप में धान की खेती की थी और कटाई के बाद धान को खलिहान में सुरक्षित रखा था। लेकिन अचानक तेज रफ्तार से हुई बारिश ने किसानों को फसल बचाने का मौका तक नहीं दिया। महज 10 मिनट की बारिश में गांव की गलियों में पानी तेज धार के साथ बहने लगा और धान के ढेर पानी में बह गए।
बारिश के दौरान किसान अपने बहते हुए धान और बीज को बचाने के लिए इधर-उधर दौड़ते नजर आए। कई किसानों ने खेतों में ही धान की कटाई कर रखी थी, जो अब पानी में भीगने और सड़ने की स्थिति में पहुंच गई है।
किसानों का कहना है कि उन्होंने अपनी पूरी पूंजी लगाकर मेहनत से फसल तैयार की थी, लेकिन अचानक हुई बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। नुकसान से परेशान किसानों ने सरकार से सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार बारिश इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में गांव की गलियां पानी से लबालब हो गईं और खेतों व खलिहानों में रखा धान बहने लगा। किसानों को अब फसल खराब होने और आर्थिक संकट की चिंता सता रही है।





