बरसात खत्म,अगिन झोझा जलप्रपात देखने पहुंचने लगे पर्यटक….छोटा चित्रकूट जैसा दिखाई देता है अगिन झोझा


पंडरिया। छत्तीसगढ़ की सीमा पर मध्यप्रदेश में स्थित अगिन झोझा जल प्रपात में बरसात खत्म होते ही पर्यटक इसकी खूबसूरती देखने पहुंचने लगे हैं। इन दिनों पर्याप्त पानी होने के कारण प्रपात खूबसूरती और अधिक बढ़ गई है।रास्ता खराब होने के बावजूद पर्यटक पहुंच रहे हैं।यह आकर्षक जलप्रपात छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित है।


इस जलप्रपात की बनावट छत्तीसगढ़ के बस्तर में स्थित चित्रकोट जैसा है।केवल इसकी ऊंचाई कम है,लेकिन बहुत ही सुंदर है।घने प्राकृतिक जंगल इनकी खूबसूरती को और अधिक बढ़ा देती है।इसकी दूरी ब्लाक मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर है।पंडरिया ब्लाक के अंतिम गांव रुख़मीदादर से करीब 15 किलोमीटर की दूरी पर मध्यप्रदेश के बुढ़नेर नदी पर बना है।स्थानीय लोग इसे अगिन झोझा के नाम से जानते हैं।यहां 200 मीटर की दूरी पर दो जल प्रपात स्थित है।एक ऊंचाई से गिरती है, वहीं दूसरी जलप्रपात कटे-फटे शैलों से गिरकर सुंदर जल प्रपात के रूप में दिखाई देता है।

बड़ा जलप्रपात करीब 20 फिट की ऊंचाई से गिरता है।बुढ़नेर नदी का उद्गम चांड़ा से हुआ है।पंडरिया से यहां पहुंचने के लिए दो रास्ते हैं।पंडरिया से कुकदूर,चांड़ा,तांतर,धुरकुटा,ढाबा होते हुए पक्की सड़क है। जिसमे बड़े चारपहिया वाहन से पहुँचा जा सकता है,जिसमें से पंडरिया से इसकी दूरी करीब 70 किलोमीटर है।दूसरा रास्ता पंडरिया से नेऊर,बाहपानी,रुख़मीददार होते हुए मध्यप्रदेश के कन्हारी व ढाबा पहुंचती है।जहां से तीन किलोमीटर कच्ची सड़क है।रास्ता खराब होने के कारण बाईक से जाना ज्यादा बेहतर है।इसमे से इसकी दूरी ब्लाक मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर पड़ती है।