रायपुर।रायपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक साल का आपराधिक लेखा-जोखा पेश करते हुए बताया कि वर्ष 2025 में जिले के सभी थानों में कुल 15,885 प्रकरण दर्ज हुए, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या 17,703 थी।

राजधानी रायपुर में कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर वर्ष 2025 राहत भरा रहा। पुलिस के सालाना आंकड़े बताते हैं कि बीते वर्ष की तुलना में अपराध के मामलों में साफ गिरावट दर्ज की गई है। रायपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक साल का आपराधिक लेखा-जोखा पेश करते हुए बताया कि वर्ष 2025 में जिले के सभी थानों में कुल 15,885 प्रकरण दर्ज हुए, जबकि वर्ष 2024 में यह संख्या 17,703 थी। इस तरह कुल अपराधों में लगभग 11 प्रतिशत की कमी आई है।
एसएसपी ने बताया कि गंभीर अपराधों में भी पुलिस की कार्रवाई प्रभावी रही। वर्ष 2025 में हत्या के कुल 90 मामलों में से 85 मामलों का खुलासा करते हुए 167 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं हत्या के प्रयास के 97 मामलों में से 90 मामलों में कार्रवाई कर 213 आरोपियों को जेल भेजा गया। डकैती के 7 मामलों में से 6 में सफलता हासिल करते हुए 43 आरोपियों को पकड़ा गया। लूट के मामलों में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई, जहां 2024 के 73 मामलों की तुलना में 2025 में 71 मामले सामने आए।
संपत्ति से जुड़े अपराधों की बात करें तो चोरी, नकबजनी और बलवा जैसे मामलों में भी कमी देखी गई। वर्ष 2024 में दर्ज 1,497 चोरी के मामलों की तुलना में 2025 में यह संख्या घटकर 1,442 रह गई। नकबजनी के मामलों में भी गिरावट आई और 526 की जगह 473 प्रकरण दर्ज हुए। बलवा के मामलों में भी हल्की कमी दर्ज की गई। हालांकि धोखाधड़ी के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई, जहां 2024 के 250 मामलों की तुलना में 2025 में 292 प्रकरण सामने आए।
नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए गए अभियानों का असर भी साफ नजर आया। वर्ष 2025 में नारकोटिक्स एक्ट के तहत 271 प्रकरण दर्ज कर 445 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से प्रतिबंधित मादक पदार्थ, वाहन, मोबाइल फोन और अन्य सामग्री जब्त की गई, जिसकी कुल कीमत करीब 2.78 करोड़ रुपये आंकी गई है।
पुलिस कार्रवाई में यह भी सामने आया कि रायपुर में सक्रिय अपराधियों में कई दूसरे राज्यों के लोग शामिल थे। ओडिशा, बिहार, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के अलावा दो नाइजीरियाई नागरिकों को भी गिरफ्तार किया गया। वर्ष 2025 में गुण्डा और निगरानी बदमाशों पर भी शिकंजा कसा गया। जिला दंडाधिकारी के समक्ष 33 प्रकरण प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 5 बदमाशों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की गई।
कुल मिलाकर, पुलिस के आंकड़े यह संकेत देते हैं कि 2025 में रायपुर में अपराध नियंत्रण की दिशा में ठोस प्रगति हुई है और सख्त निगरानी व निरंतर कार्रवाई का असर जमीन पर दिखने लगा है।






