केशव साहू
राजनांदगांव। रानी जोतकुंवर वार्ड क्रमांक 50 सिंगदई में विद्युत विभाग की कथित घोर लापरवाही का एक दर्दनाक मामला सामने आया है। बीती रात तेज आंधी-तूफान और बारिश के दौरान वर्षों से जर्जर पड़े चार बिजली खंभे अचानक धराशायी हो गए। खंभों के गिरने के बाद बिजली प्रवाह जारी रहने से सुबह फार्म हाउस में मौजूद 15 गायें करंट की चपेट में आ गईं और उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

➡️ घटना सुखीराम साहू के फार्म हाउस की बताई जा रही है। स्थानीय पार्षद मुकेश साहू ने आरोप लगाया कि रात से ही बिजली के खंभे गिरे हुए थे और तारों में करंट प्रवाहित हो रहा था, लेकिन विद्युत विभाग की ओर से तत्काल कोई कार्रवाई नहीं की गई। परिणामस्वरूप सुबह यह बड़ा हादसा हो गया।
👉फार्म हाउस संचालक का कहना है कि संबंधित बिजली खंभे कई वर्षों से जर्जर अवस्था में थे और इन्हें बदलने के लिए मेरे एवं जनप्रतिनिधियों के द्वारा विधुत विभाग को कई बार शिकायत की गई थी। इसके बावजूद विभाग ने न तो खंभे बदले और न ही किसी प्रकार की मरम्मत कराई। शिकायतों की अनदेखी आखिरकार 15 बेजुबान गायों की मौत का कारण बन गई।
➡️ इधर मोहारा पानी फिल्टर प्लांट के सामने भी कई बिजली खंभों के गिरने की सूचना मिली है, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते जर्जर खंभों को बदला जाता तो इतनी बड़ी जनहानि नहीं होती।
👉 अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर शिकायतों के बावजूद विद्युत विभाग क्यों सोता रहा? क्या दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होगी? क्या पीड़ित पशुपालक को उचित मुआवजा मिलेगा?
👉 15 गायों की मौत ने विद्युत विभाग की लापरवाही की पोल खोल दी है। अब लोगों की निगाहें प्रशासन और विभागीय अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
👉 सवालों के घेरे में विद्युत विभाग, जवाब का इंतजार…
👉 लापरवाही किसकी, कीमत बेजुबान पशुओं ने चुकाई!






