राजपूत क्षत्रिय समाज ने यूजीसी के विरोध में ज्ञापन सौंपा


पंडरिया-राजपूत क्षत्रिय महासभा उपसमिति पंडरिया द्वारा गुरुवार को यूजीसी कानून के विरोध में अनुविभागीय अधिकारी के माध्यम से प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा गया।जिसमें इस कानून को रद्द करने की मांग की गई है।
सौपे गए ज्ञापन में उच्च शिक्षण संस्थाओं जातिगत समानता हेतु विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नये नियम, 13 जनवरी 2026 को वापस लेने हेतु आग्रह किया गया है।ज्ञापन में बताया गया है कि उच्च शिक्षण संस्थाओं जातिगत समानता हेतु विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने जातिगत भेदभाव रोकने के उद्देश्य से उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के लिये भारत सरकार द्वारा नये नियम बनाये गये हैं, जो 13 जनवरी 2026 से प्रभावशील हुआ है।बताया गया कि प्रभावी नियम में सामान्य संवर्ग के छात्रों एवं प्राध्यापकों पर उभयपक्षों के द्वारा झूठे आरोप-प्रत्यारोप लगाकर फंसाये जाने की आशंकाओं से इंकार नहीं किया जा सकता। चूंकि नये नियम में सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों से विरूद्ध संबंधित अ.जा./अ.ज.जा./अ.पि.व. के छात्रों द्वारा लगाये आरोपों पर सीधे कार्यवाही संस्थित होना है। आरोपों को पुष्टि करने अथवा जिनके विरूद्ध आरोप/शिकायत है, उन्हे भी अपना पक्ष रखने का कोई अवसर प्रदान नहीं करता, इससे प्राकृतिक न्याय का हनन संभावित है। यह अव्यवहारिक एवं सामान्य संवर्ग के लोगों पर एकपक्षीय कार्यवाही का स्पष्ट संदेश है।
उक्त परिप्रेक्ष्य में मांग किया गया है कि उक्त नियम में समानता के अधिकारी अंतर्गत सवर्ण समुदाय के विद्यार्थियों, प्राध्यापकों के हित संवर्धन में नियम वापस लिया जाना चाहिए। राजपूत क्षत्रिय माहसभा छ.ग. रहटादह पं.क. 1282 उपसमिति पण्डरिया ने इस नियम 13 जनवरी 2026 को अस्वीकार कर, नियमों में सामान्य वर्ग के हितसंवर्धन में वापस लेने की मांग की है।
इस दौरान अध्यक्ष प्रशांत सिंह चौहान,सचिव रविकांत सिंह ठाकुर,अनिरुद्ध सिंह,प्रभात सिंह,सुरेश सिंह,मोहन सिंह राजपूत, आर के बैस,भूषण सिंह, विनोद सिंह, कल्याण सिंह,प्रशांत सिंह(मोनू),धर्मेंद्र सिंह,आकाश सिंह,आलोक सिंह, गोरे सिंह,सुरेंद्र सिंह,शंकर सिंह,ओजस सिंह,शशांक सिंह,पप्पू सिंह, महिला मंडल के रोहिणी सिंह, ममता सिंह, लता सिंह, इंद्राणी सिंह शुक्रिता सिंह सहित अनेक युवा लोग उपस्थित थे।