पंडरिया- ब्लाक अन्तर्गत नगर व ग्रामीण क्षेत्र में भाई- बहन के प्रेम का त्यौहार रक्षाबंधन उत्साह पूर्वक मनाया गया।बहनों द्वारा भाइयों के कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा गया वहीं भाईयों ने बहनों की सुरक्षा का वचन दिया।इस वर्ष भद्रा काल नहीं होने के कारण बहनों ने सुबह से ही राखी बांधी,जो देर शाम तक जारी रहा।इसके अलावा ब्राम्हणों ने भी यजमानों को रक्षा सूत्र बांधकर रक्षाबंधन का त्योहार मनाया।रक्षाबंधन का अर्थ है ‘सुरक्षा का बंधन’।रक्षाबंधन के पर्व पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी यानी रक्षा सूत्र बांधकर उनसे अपनी रक्षा का वचन लेती हैं। वहीं, भाई अपनी बहनों को सुरक्षा और मदद प्रदान करने का वचन देते हैं।रक्षाबंधन को हिंदू त्योहार माना जाता है।इसे भाई और बहन के बीच प्यार और सम्मान के प्रतीक के तौर पर मनाया जाता है।पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, राजसूय यज्ञ के समय द्रोपदी ने भी श्रीकृष्ण को रक्षासूत्र के रूप में अपने आंचल का टुकड़ा बांधा था।जिसके बाद से बहनों द्वारा भाई को राखी बांधने की परंपरा शुरू हुई।लेकिन
बदलते वक्त के साथ इसमें गिफ्ट्स देने की परंपरा भी शुरू हो गई है।भाई अक्सर अपनी बहनों को पैसे या उपहार देकर उनके प्रति अपना प्यार दिखाते हैं।रक्षाबंधन के पूर्व शुक्रवार शाम व शनिवार बाजारों में भारी भीड़ रही।गांधी चौक व बाजार में दिन भर जाम लगता रहा तथा राखी, मिठाई सहित अन्य दुकानों में भी
बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हुए थे।







