फेकारी में RAWE कार्यक्रम का शुभारंभ, किसानों एवं विद्यार्थियों के बीच हुआ संवाद

पाटन। फेकारी में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के अंतर्गत संत विनोबा भावे कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र मर्रा के चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों एवं समस्त प्राध्यापकों की उपस्थिति में ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (RAWE) कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को ग्रामीण कृषि परिस्थितियों से परिचित कराना, किसानों की समस्याओं को समझना तथा वैज्ञानिक एवं आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।


कार्यक्रम का शुभारंभ माॅ सरस्वति एवं छत्तीसगढ महतारी की तैल्य चित्र में माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में रावे कॉर्डिनेटर डॉ. ओ.पी. परगनिहा द्वारा स्वागत भाषण एवं कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं ग्राम सरपंच योगेन्द्र साहू ने कृषि विकास में वैज्ञानिक पद्धति एवं हरित क्रांति के महत्व पर प्रकाश डाला तथा कृषकों से विद्यार्थियों को हर संभव सहयोग का आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अनिल कुमार वर्मा ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए यह कार्यक्रम ग्रामीण कृषिगत समस्याओं को जानने एवं समझने के साथ ही उसका समाधान खोजने का सुनहरा अवसर प्रदान करता है अतः विद्यार्थी इस समय का सीखने हेतु सदुपयोग करें।


इस अवसर पर अन्य वक्तओं के रुप में प्राध्यापक डॉ. चैनू राम नेताम एवं सेवा सहकारी समिति फेकारी अध्यक्ष एवं किसान मोर्चा सदस्य श्री पारखत सिंह साहू ने कृषि शिक्षा को किसानों से जोड़ने, ग्रामीण विकास में विद्यार्थियों की भूमिका तथा कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों एवं ग्रामवासियों के बीच आपसी संवाद, सहयोग और कृषि विकास की भावना को प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुतियाँ भी दी गई।


इस दौरान महाविद्यालय के प्राध्यापकगण ग्राम पंचायत फेकारी के पंच श्रीमती देवबती साहू, श्रीमती गायत्री ठाकुर, श्री कपूर चंद सहित विद्यार्थियों एवं ग्रामवासियों की सहभागिता रही।कार्यक्रम में मंच उदघोषक की भूमिका चतुर्थ वर्षीय छात्र वेदांत वर्मा ने निभाई। अंत में डॉ. सुशीला द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।