पाठक की पाती: डॉ केवरा यदु ‘ मीरा ‘ द्वारा लिखी यह मितानिन गीत,  पापा बिल्कुल दहेज न देना भले मै कुंवारी रहूँ, , ,

दहेज पर मितानिन गीत

पापा बिल्कुल न देना दहेज भले मैं कुंवारी रहूँ।
बस दे देना बिटिया को प्यार भले मैं कुंवारी रहूँ।

नहीं चाहिए पापा झुमका कंगना।
चूड़ी बिंदिया बने मेरी गहना।
पापा कंगना न लाना उधार, भले मैं कुंवारी रहूँ।।
पापा बिल्कुल न देना दहेज भले मैं कुंवारी रहूँ।।

लोभी दहेज के बोली लगाते।
जो हैं गरीब पापा उनको सताते।
माँग करते स्कुटी कार,भले मैं कुंवारी रहूँ।।
पापा बिल्कुल न देना दहेज भले मैं कुंवारी रहूँ।

टी,वी फ्रीज दोगे खेत बिकेंगे।
भाई बहन भूखे प्यासे रहेंगे।
टी,वी, फ्रीज नहीं लाना उधार, भले मैं कुंवारी।।
पापा बिल्कुल न देना दहेज भले मैं कुंवारी रहूँ।।

सास ससुर नित्य ताने सुनाते।
बार-बार पापा से पैसा मंगाते।
नहीं देते जला देते मार,भले मैं कुंवारी रहूँ।
पापा बिल्कुल न देना दहेज भले मैं कुंवारी रहूँ।
भले मैं कुंवारी रहूँ।
भले मैं कुंवारी रहूँ।

डाॅ केवरा यदु”मीरा”