।बेमेतरा :- सुग्घर साहित्य समिति बेरला की मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन विगत दिनों सुरेश सरल के संयोजन मे उनके निज निवास नगर पंचायत बेरला मे रखा गया था। जहाँ माँ सरस्वती की वंदना कर नारायण प्रसाद वर्मा ने कार्यक्रम का औपचारिक शुरआत प्रारम्भ किया। जिसके पश्चात हृदय विश्वकर्मा ने विरह के गीत पढ़कर सबको भाव विहभल कर दिया। गीतकार नरेन्द्र साहू ने गौ माता की व्यवस्था को लेकर व्यंग्य करते हुए आल्हा गीत प्रस्तुत किया। जिसके बाद लीलेश्व देवांगन ने आदमी की सफलता पर पंक्तियाँ प्रस्तुत की। मनीदास मानिकपुरी ने पर्यावरण की पंक्तियाँ पढ़ी। लोकगायक दिलीप टिकरिहा छत्तीसगढ़िया ने जन मानस प्रेरणा की पंक्तियाँ पढ़ी। हास्य व्यंग्य के कवि रामहृदय वर्मा ने अपनी पंक्तियों से सबको गुदगुदाया। जगदीश सोनी ने अपनी गज़लों से समां बांधा। समीक्षक दीपक निषाद ने दर्द के गीत गाए। ताकेश्वर साहू ने गांव के स्मरण की पंक्तियाँ पढ़ी। कार्यक्रम संयोजन सुरेश सरल ने नई कविताओं से सबका मन मोह लिया। खींवराज धीवर ने संस्कार के गीत गाए। शिक्षक मूलचंद साहू ने शिक्षा की बातें अपनी पंक्तियों मे कही। गीतकार नारायण प्रसाद वर्मा ने कायाखंडी भजन से सबका मन मोह लिया। व्यंग्यकार विकास कश्यप ने पढ़ा कि ” लाल चंदन, लाल चंदन,
खनिज विभाग के लाल चंदन
हमर बेमेतरा म महकत हे।
बिक्क़ट शिकायत मिलत रहिथे,
फेर धरती मइया धधकत हे।
घोरोर घोरोर बाजत मशीन हर,
अउ मनमानी सब सरकत हे।
इहाँ उहाँ के सरकारी दुआरी,
रही रही के सबके अभिनन्दन हे।







