पंडरिया-नगर का प्राचीन जोरा मंदिर में शिव व हनुमान का मंदिर अत्यंत जर्जर हो चुका था,जिसका जीर्णोद्धार कार्य प्रारंभ कार्य कराया जा रहा है।मंदिर निर्माण के लिए कुछ दिन पहले मोहल्ले सहित नगर वासियों की बैठक की गई। जिसमें जर्जर मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य करने पर चर्चा किया गया।
जीर्णोद्धार के लिए राम मंदिर के तर्ज पर नगर व क्षेत्र सहित सभी लोगों से सहयोग लेकर मंदिर का निर्माण किया जा रहा है।जिसके लिये सहयोग मिलना शुरू हो गया है।मंदिर का जीर्णोद्धार राजा स्व.कृष्णराज सिंह के वंशजो की सहमति से किया जा रहा है।जिसमें राजपरिवार व नगर वासी तथा सभी सहयोग प्राप्त हो रहा है।


400 वर्ष पुराना है जोरा मंदिर-जोरा मंदिर 400 वर्ष पुराना है।जोरा मंदिर नगर के पुराने बस स्टैंड के पास जोरा तालाब की किनारे स्थित है।जोरा मंदिर में मुख्य मंदिर में राम दरबार की प्रतिमा स्थापित है।राम ,जानकी व लक्षमण की प्रतिमा अति प्राचीन अष्टधातु से निर्मित है।परिसर में ही सिद्ध हनुमान व शिव पंचायत के सभी विग्रह शिव परिवार के साथ स्थापित है। इसका जीर्णोद्धार 100 वर्ष पहले रानी मानकुमारी द्वारा पदत्त जमीन पर राजा पद्मराज सिंह के देख रेख में नागा पुजारियों द्वारा जनसहयोग से कराया गया था।राम मंदिर आज भी मजबूत है तथा परिसर में राम मंदिर के सामने स्थित शिव मंदिर व हनुमान मन्दिर जो जीर्ण शीर्ण हो गया गया था।छतों से प्लास्टर गिर रहे थे,तथा दीवार के ईंटे दरकने लगे थे।जी कभी भी गिर सकता था।इसी मंदिर का जीर्णोद्धार किया जा रहा है।
शिव व हनुमान की प्रतिमा प्रतिस्थापित की गई– पुराने व जर्जर मंदिर के निर्माण के लिए रामनवमी के अवसर पर श्री हनुमान व शिव लिंग को अस्थायी शेड लगाकर प्रतिस्थापित की गई है।जिसके बाद पुराने मंदिर को तोड़ने का कार्य भी पूरा हो चुका है।अब नए मंदिर के लिए नीव तैयार करने का कार्य प्रगति पर है।इसके लिए एक-दो दिन में कार्य प्रारंभ होने वाला है।दोनों मंदिरों का निर्माण पत्थरों से किया जाना है,जिससे लंबे समय तक मंदिर मजबूत रह सके।
निर्माण समिति का गठन किया गया-जोरा मंदिर जीर्णोद्धार के लिए समिति का गठन किया गया है।जिसमें जोरा मंदिर जीर्णोद्धार समिति व पर्यावरण समिति के देखरेख में जीर्णोद्धार जन सहयोग से किया जा रहा है।इसके लिए बड़े पैमाने पर सहयोग मिलने लगा है।जीर्णोद्धार के लिए 50 लाख तक जनसहयोग प्राप्त कर निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया है।






