दुर्ग जिले के बहुचर्चित अफीम खेती प्रकरण में सस्पेंड हुए महिला ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू का निलंबन शासन ने वापस ले लिया है|
कृषि विभाग ने 13 मार्च को एकता साहू को निलंबित किया था पहले उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था!
कारण बताओ नोटिस समोदा पटवारी अनीता साहू एवं सर्वेयर शशिकांत साहू को भी जारी किया गया था किंतु पटवारी एवं सर्वेयर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई!

श्रीमती एकता साहू को अफीम की खेती के मामले में सूचना नहीं देने और विभागीय मक्का प्रदर्शन में लापरवाही का आरोप लगा था इस निलंबन के विरोध में दुर्ग जिले के छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ के सभी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं कृषि विकास अधिकारियों ने 23 मार्च को अनिश्चितकालीन आंदोलन प्रारंभ कर दिया था!
संघ के प्रांताध्यक्ष श्री लिखेश वर्मा का कहना है कि अफीम केस में इस निर्दोष महिला को षड्यंत्र कर फंसाकर विधानसभा सत्र के दौरान बलि का बकरा बनाया गया और आनन फानन में बेबुनियाद आरोप लगा कर अनुचित तरीके से बिना जांच के निलंबन की गई|
उनका तर्क है कि अफीम की खेती जिस गांव में हो रही थी वहां एकता साहू की पोस्टिंग ही नहीं थी,
मक्का का प्रदर्शन समोदा गांव के किसान विमल ताम्रकार के खेत में लगाया गया था और अफीम की खेती झेझरी गांव के खसरा नंबर 309,310 में पायी गयी है उक्त भूमि महिला कृषकों के नाम पर राजस्व अभिलेख में दर्ज है !
मक्का प्रदर्शन में शासन के गाइड लाइन का पालन शत प्रतिशत नहीं करने का कारण भी कृषि विभाग के उच्चाधिकारी है क्योंकि संघ द्वारा बार बार विभागीय बैठकों, हड़ताल ,ज्ञापनों के माध्यम से मैदानी स्तर पर होने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी व मांग से लगातार अवगत कराया गया है परन्तु अभी तक विभागीय अधिकारी सुस्त पड़े हैं इस प्रशासनिक सुस्ती के कारण है ही आज एक महिला कृषि विस्तार अधिकारी को बेवजह सामाजिक, आर्थिक एवं मानसिक क्षति पहुंची है! कृषि विभाग के जिला अधिकारी लगातार कार्रवाई हेतु थाली परोसने का कार्य कर रहे हैं!
श्री वर्मा जी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इसी तरह ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को विभागीय अधिकारी टारगेट करते रहे तो आगामी दिवसों में उन अधिकारियों के विरोध में पूरे राज्य में आंदोलन होगा|
गौरतलब है कि एकता साहू के निलंबन मामले में भी जल्दबाजी की गई जिसे संभाग आयुक्त एवं सहायक संचालक कृषि के पास संघ के माध्यम से शिकायत किया गया और पीड़ित महिला कर्मचारी द्वारा अपील किया गया!
अपील को स्वीकार करते हुए एवं संयुक्त संचालक कृषि ने दोनों पक्षों का बयान लेकर निर्दोष महिला का निलंबन आदेश को निरस्त करते हुए विभागीय जांच करने हेतु दुर्ग कलेक्टर को स्वतंत्रता दी है|
सूत्रों के अनुसार विभागीय जांच में सही तथ्यों के सामने आने से कृषि विभाग के उच्च अधिकारी भी फंसते नजर आ रहे हैं जिसके कारण मंत्रालय स्तर से भी उप संचालक कृषि संदीप भोई को विगत दिनों की बैठक में फटकार लगाई गयी|
छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ ने एकता साहू के बहाली को संघ की बड़ी जीत बताई है और शासन का आभार व्यक्त किया है बहाली पश्चात संघ की दुर्ग शाखा द्वारा निश्चितकालीन की हड़ताल को 6 अप्रैल से स्थगित करने का फैसला किया!
इधर राजस्व विभाग ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे प्रदेश में 15 दिवसों में सर्वे करके अवैध अफीम की खेती की जानकारी मांगी थी, छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ के हड़ताल के कारण जवाबदेही तय करते हुए अवैध अफीम की खेती हेतु पटवारी, राजस्व निरीक्षक, तहसीलदार को जिम्मेदार बताते हुए पुनः सर्वे करने का आदेश दिया गया है आदेशानुसार यदि अवैध अफीम खेती प्रदेश में पाया गया तो संबंधित पटवारी जिम्मेदार होगा |
कृषि विभाग के कर्मचारियों के काम पर वापस लौटने से विभागीय कार्य जैसे प्रधानमंत्री फसल बीमा फसल कटाई, अग्रिम खाद बीज़ उठाओ, मिट्टी नमूना, प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना, एग्री स्टेज इत्यादि सुचारु रूप से संचालित होंगे जिससे कृषकों को लाभ होगा
इधर इस आंदोलन को लगातार ट्रेड यूनियनों, छत्तीसगढ़ प्रगतिशील किसान संगठन, छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच, पेंशनर्स संघ, छत्तीसगढ़ कैशलेस चिकित्सा सेवा कर्मचारी कल्याण संघ, ग्रामीण , सेवानिवृत्ति कृषि विभाग के अधिकारी कर्मचारी आदियों का धरना स्थल पर लगातार सहयोग मिलता रहा|






