पंडरिया।केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘गोबरधन योजना’ और राज्य सरकार की ‘सुरभि गौ-धाम योजना’ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा गोधन के संरक्षण-संवर्धन में मील का पत्थर साबित हो रही हैं। इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से न केवल राज्य के किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि जैविक खेती और अक्षय ऊर्जा को भी नई दिशा मिलेगी।उक्त बातें राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर पटेल एवम जिला समिति के प्रमुख सुखचैन चंद्रवंशी ने एक संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कही है!
उन्होंने कहा कि
ग्रामीण क्षेत्रों में अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता और गोबर से बायोगैस/जैविक खाद बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की गोबरधन योजना एक दूरदर्शी पहल है। इसके साथ मिलकर राज्य सरकार की सुरभि गौ-धाम योजना बेसहारा गोवंश के संरक्षण, देखभाल और उनके संवर्धन के लिए बेहतर वातावरण तैयार कर रही है।इन योजनाओं
के तहत जहां जैविक खाद के उपयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होगी।वहीं
गोबर और कृषि अपशिष्ट की बिक्री तथा प्रसंस्करण से ग्रामीणों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा!
उन्होंने कहा है कि सरकार की इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन होने से बेसहारा पशुओं का उचित प्रबंधन होगा जिससे फसलों को होने वाले नुकसान में कमी आएगी और गोवंश की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
प्रधानमंत्री जी का सहृदय धन्यवाद एवं अभिनंदन
छ.ग. राज्य गौसेवा आयोग जिला गो सेवासमिति कबीरधाम के अध्यक्ष सुखचैन चंद्रवंशी एवं सदस्यों ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार की इस साझा नीति का भव्य स्वागत करते हुए कहा कि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गोबरधन योजना ने देश के ग्रामीण परिवेश को स्वच्छ बनाने के साथ-साथ किसानों और पशुपालकों को स्वावलंबी बनाने का मार्ग प्रशस्त किया है। इस युगक्रांतिकारी पहल के लिए कबीरधाम की जनता और समस्त गोसेवक उनके प्रति हृदय से कृतज्ञता प्रकट करते हैं।”
इसके साथ ही समिति ने संकल्प लिया कि जिले के अंतिम व्यक्ति तक इन योजनाओं का लाभ पहुँचाने और गो-सेवा के माध्यम से ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने के लिए वे पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य करते रहेंगे।







