महुदा में सद्भावना सत्संग एवं विभु महाराज जी का पावन जन्मोत्सव मनाया

हृदय की सच्ची भक्ति से प्रभु की प्राप्ति होती हैं – महात्मा दीप्ति बाई

पाटन।। क्षेत्र के ग्राम महुदा में 26 जनवरी को मानव उत्थान सेवा समिति के तत्वधान में श्री विभु जी का जन्मोत्सव मनाया गया एवं परम पूज्य सदगुरुदेव श्री सतपाल जी महाराज के आत्मनुभवी शिष्या महात्मा दीप्ति बाई जी एवं महात्मा विलक्षणा बाई जी (हरिद्वार) के द्वारा ज्ञान विज्ञान से ओतप्रोत गीता भागवत रामायण उपनिषद् आदि सर्व धर्म ग्रंथों पर आधारित सारगर्भित आध्यात्मिक सत्संग प्रवचन हुआ. वही सद्भावना सत्संग समारोह के विशेष वक्ता के रूप में महात्मा दीप्ति बाई जी एवं विलक्षणा बाई जी(हरिद्वार) उपस्थित हुए। वही कार्यक्रम में संत महात्माओं का स्वागत किया तत्पश्चात महात्माओं द्रारा प्रवचन प्रारंभ किया गया। महात्मा दीप्ति बाई जी ने अपने ओजस्वी विचार रखते हुए कहा कि भगवान ने हमें मानव जीवन में क्यों दिया? यह आज जाने का विषय है हृदय की सच्ची भाव से ही प्रभु की प्राप्ति होती है, और इसकी जानकारी सिर्फ सत्संग के माध्यम से ही हो सकता है जब हम सत्संग को सुनेंगे उस पर मनन विचार करेंगे तब हमें पता चलेगा कि जिस आंनद को पाने के लिए हमें मानव जीवन मिला हुआ है. जिसे हम संसार में ढूंढ रहे हैं वह आनंद सच्चिदानंद तो हमारे अंदर ही है पर वह प्रकट नहीं है उसे प्रकट करने के लिए हमें साधु-संतों की आवश्यकता है. और जब हमें सही संत मिल जाएंगे तो परमात्मा को हमारे अंदर प्रकट कर देंगे जिससे हमारे अंदर शांति आनंद दया करुणा का भाव जागृत होगा वही आगे महात्मा दीप्ति बाई जी ने कहा कि जन्म मरण के चक्कर से अगर हमें बचा है तो भगवान की पावन नाम को जाना पड़ेगा जो अमंगल को भी मंगल करने वाला हैं महात्मा विलक्षणा जी बाई जी ने कहा कि सांसारिक कार्यों को करने के लिए तो हमारे पास समय ही समय है परंतु भगवान की भक्ति सेवा के लिए समय का अभाव हो जाता है तो फिर हमें 84 के चक्कर में फंसाने आने वाला है इसलिए समय निकालकर हमें भगवान का भजन करना चाहिए इस कार्यक्रम में मानव उत्थान सेवा समिति शाखा महुदा एवं ग्राम परसोदा,टेकारी,खुडमुडी, रायपुर की प्रेमियों का पावन उपस्थिति रही।