केशव साहू
नगर में जगह जगह हुआ भव्य स्वागत।
डोंगरगढ़। धर्मनगरी डोंगरगढ़ में बुधवार का दिन आध्यात्मिक उल्लास और दिव्य ऊर्जा से भरा हुआ रहा, जब पंथ श्री उडितमुनि नाम साहेब जी के पावन सानिध्य में संत समागम समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर नगर में प्रातः काल से ही भक्तों का सैलाब नगर में उमड़ पड़ा था। वहीं दूसरी ओर संतो के समागम कार्यक्रम में कोई व्यवधान उत्पन्न ना हो मद्देनजर रखते हुए शासन प्रशासन व पुलिस प्रशासन की चाक चौबंद व्यवस्था में वातावरण में भक्तिमय गीत, जयकारों और पंथ भजन की धुनों ने पूरी धरती को पावन कर दिया।
संतो के समागम कलश यात्रा का नगर में भव्य स्वागत अभिनंदन।
प्रदेश सहित अंतराज्यीय लगभग 15 हजार से अधिक अनुयाई की उपस्थिति में नगर के हाईस्कूल से कलश यात्रा प्रारंभ की गई जो गोल बाजार, सेठ पारा, बुधवारी पारा, रेलवे चौक, खंडूपारा, जयस्तंभ चौक, अग्रसेन चौक अंडरब्रिज होते हुए मेला ग्राउंड सत्संग प्रांगण जाकर समाप्त हुई। इस दौरान कलश यात्रा के स्वागत व सत्कार के लिए नगर के जनप्रतिनिधियो सहित समाज सेवियों संस्थानों के द्वारा संत मुनियो व कलश यात्रा में शामिल पुण्य के भागी कबीरपंथी समाज के पुरुष व महिलाओं के ऊपर पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत अभिनंदन किया गया। स्वागत समारोह की कड़ी में जैन समाज के अनुयाई, गुरुद्वारा कमेटी बुधवारीपारा साहू समाज के युवा सहित भाजपा प्रदेश महामंत्री रामजी भारती, नपा अध्यक्ष रमन डोंगरे,नपा उपाध्यक्ष उमा महेश वर्मा, भाजपा शहर मंडल अध्यक्ष जसमीत बन्नोआना, भाजपा वरिष्ठ समन्यवक सुमित यादव, पार्षद देवेंद्र साखरे,डी एकेश राव, रतन कोसे, हरीश मोटघरे सहित नपा परिवार से सीएमओ खेलेंद्र भोई, वरिष्ठ अधिकारी दौलत मिश्रा, भावते जी, बागड़े जी, नितिन बख्शी, सीमा चंद्रवंशी, विनोद वर्मा,चोखांद्रे जी, विनोद करसे,अमर करसे, कोटंगले जी सहित महिला कमांडो ने कलश यात्रा की अगुवानी करते हुए संतो का आशीर्वाद प्राप्त कर कलश यात्रा पर पुष्प वर्षा करते हुए स्वागत सत्कार किया।
समारोह का शुभारंभ विधि-विधान से किया गया, जहां संत उडितमुनि नाम साहेब जी को पद्धति पूर्वक आशीर्वाद एवं भेट बंदगी अर्पित की गई।
स्थानीय संत-महात्माओं सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
संत श्री उडितमुनि नाम साहेब जी का आशीर्वचन
अपने आशीर्वचन में संत उडितमुनि जी ने कहा कि—
“मानव जीवन सेवा, सत्य और करुणा के मार्ग से ही श्रेष्ठ बनता है। धर्मनगरी डोंगरगढ़ में प्रेम और सद्भाव की यह परंपरा सदैव बनी रहे।”उनके प्रवचन के दौरान शांति, सदाचार, सहअस्तित्व और समाज में प्रेम की भावना बढ़ाने पर विशेष संदेश दिए गए। उनके मधुर वचनों से उपस्थित जनसमूह भाव-विभोर हो उठा। श्रद्धालुओं में उत्साह कार्यक्रम स्थल पर हजारों की संख्या में पंथ-साधक, ग्रामीण, नगरवासी और आस-पास के जिलों से आए श्रद्धालु शामिल हुए।
पूरी नगर में आध्यात्मिक उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
आशीर्वाद और भेट बंदगी
भक्तों ने संत श्री उडितमुनि जी को पारंपरिक रूप से भेट बंदगी अर्पित की तथा उनके आशीर्वाद को जीवन की आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग माना।







