पंडरिया।सामाजिक समरसता, समानता एवं सेवा भावना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रविवार को सरस्वती शिशु मंदिर, पांडातराई में भव्य समरसता कन्या भोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस गरिमामयी आयोजन के माध्यम से समाज में आपसी सद्भाव, सम्मान, सहयोग एवं समर्पण की भावना को मजबूत करने का एक सशक्त संदेश दिया गया।

भारतीय संस्कृति की आत्मा है सामाजिक समरसता: हिरेंद्र बघेल
कार्यक्रम में अपने विचार साझा करते हुए एबीवीपी (ABVP) नगर मंत्री हिरेंद्र बघेल ने कहा कि सामाजिक समरसता हमारी भारतीय संस्कृति की आत्मा है। समाज में कोई भी व्यक्ति छोटा या बड़ा नहीं होता, बल्कि हर कोई समान रूप से सम्मान और समानता का अधिकारी है। उन्होंने आगे कहा:
- भेदभाव का अंत: समरसता कन्या भोज जैसे आयोजन समाज के हर वर्ग को एक सूत्र में पिरोने और आपसी भेदभाव को मिटाकर प्रेम व अपनत्व बढ़ाने का माध्यम हैं।
- युवाओं का दायित्व: विद्यार्थियों और युवाओं को शिक्षा ग्रहण करने के साथ-साथ सेवा और अपने सामाजिक दायित्वों के प्रति भी हमेशा जागरूक रहना चाहिए।
सेवा केवल कार्य नहीं, जीवन का संस्कार है: तुलसी यादव
कार्यकर्ता तुलसी यादव ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सभी के सामूहिक सहयोग, समर्पण और सेवा भाव से इस भव्य कन्या भोज का सफल आयोजन संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों का मुख्य उद्देश्य केवल कन्या भोज कराना नहीं, बल्कि समाज में भाईचारे और आपसी सद्भाव की जड़ों को मजबूत करना है।
उन्होंने आगे कहा:
- सकारात्मक बदलाव का प्रयास: हमारी टीम निरंतर सेवा कार्यों के जरिए समाज के बीच पहुंचकर एक सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश कर रही है।
- निरंतरता का संकल्प: सेवा हमारे लिए किसी एक दिन का काम नहीं, बल्कि जीवन में अपनाने योग्य संस्कार है। आने वाले समय में भी हमारी टीम समाज में सेवा, समरसता और जनजागरण की दिशा में लगातार काम करती रहेगी।
कन्याओं का पूजन और सम्मान
आयोजन के दौरान उपस्थित कन्याओं को पूरी श्रद्धा और स्नेह के साथ भोज कराया गया तथा उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। इस पूरे कार्यक्रम का मुख्य ध्येय समाज में समानता, सामाजिक एकता और सेवा के संस्कारों को बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से रहे उपस्थित
इस आयोजन को सफल बनाने में अनेक कार्यकर्ताओं और सहयोगियों ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से निम्नलिखित सदस्य उपस्थित रहे:
- प्रमुख पदाधिकारी व कार्यकर्ता: हिरेंद्र बघेल, तुलसी यादव, अजय साहू, गोपाल जायसवाल, खेमलाल साहू, वीरेंद्र बघेल, अजय चंद्रवंशी, कालेश्वर निर्मलकर, वीरेंद्र चौहान, रूपेश भट्ट, वेदांत चौहान, वर्मा, लक्ष्मण पटेल, ओमकार यादव।
- महिला व अन्य सहयोगी: रतना चंद्रवंशी, आरती चंद्रवंशी, स्थायी कार्यकर्ता विक्की निर्मलकर, तुषार चंद्रवंशी, सचिन गुप्ता, आकाश वर्मा, मनचंद टंडन और शेषनारायण चंद्रवंशी।
कार्यक्रम के समापन पर आयोजन समिति द्वारा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी सहयोगियों, सहभागियों और नागरिकों के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया गया।






