पंडरिया- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शताब्दी वर्ष विजयादशमी उत्सव पंडरिया खंड के रैतापारा मोहगांव मंडल में रविवार को सम्पन्न हुआ।पथ संचलन गांव के मुख्य चौक चौराहा से होकर घोष के साथ निकली। स्वयंसेवकों का पुष्प से स्वागत किया गया।अतिथि हलधर प्रसाद शर्मा, विहिप के प्रदेश सहमंत्री पूर्णेन्द्र सिन्हा, खंड के खंड कार्यवाह होरीलाल गबेल ने भारत माता व शस्त्र का पूजन किया।अतिथि श्री शर्मा ने सभी स्वयं सेवकों को संघ शताब्दी वर्षों व विजयादशमी की शुभकामनाएं दिया। वक्ता पूर्णेन्द्र सिंह ने कहा सूत उठ बड़े बिहिनिहा तोरे पईया लागव मैं काया फूल चढ़ाव ओ मोर धरती मईया इस भाव को लेकर संघ के स्वयंसेवक 100 वर्षों से मातृभूमि की सेवा में लगे हुए हैं।परतंत्रता के काल में हिंदू समाज में बिखराव हुए, वंदे मातरम शब्द बोलने पर सजा दी जाती थी। ऐसे समय में भारत माता के महान सपूत डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार का जन्म होता है। डॉक्टर साहब ने समाज की पीड़ा को समझा और 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना किया। डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार ने आजादी के आंदोलन में भाग लिया। 1921 और 1930 में आजादी के आंदोलन के दौरान जेल जाना पड़ा। जब डॉक्टर साहब ने संघ का निर्माण किया उस समय लोग उपहास उड़ा रहे थे,संघ के स्वयंसेवक मान अपमान को छोड़कर राष्ट्र की सेवा में लगे रहे। संघ को इस दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। तीन बार प्रतिबंध लगाए। फिर भी संघ के स्वयंसेवक विचलित नहीं हुए और दिन-रात भारत माता की जय के लिए कार्य करते रहे। संघ ने किसी का विरोध नहीं किया।संघ हिंदू समाज को संगठित कर भारत माता को परम वैभव की शिखर पर ले जाने के लिए कार्य कर रही है। संघ इस देश में रहने वाले सब को अपना मानता है। संघ में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं होता। समाज में विभिन्न वर्ग जो है, सभी एक होकर के कार्य करेंगे तो हर समस्या का समाधान होगा और भारत माता परम वैभव के शिखर पर पहुंचेगी। हाथ की उंगलियां जब अलग-अलग रहती है तो किसी भी वस्तु को उठा नहीं पाती, जब वही उंगलियां आपस में मिल जाती है तो बड़े से बड़े कार्य करती है। इस प्रकार समाज के सभी लोग मिलकर के भारत माता की जय कर सकती है। आओ हम सब मिलकर भारत को समृद्ध व शक्तिशाली राष्ट्र बनाये।कार्यक्रम में जिला घोष प्रमुख मनहरण बर्वे,कोमल साहू, खंड के सह कार्यवाह नरेंद्र चंद्रवंशी, शारीरिक प्रमुख ऋषि यादव, बौद्धिक प्रमुख उम्मीद यादव, खंड सेवा प्रमुख रामगोपाल यादव, गोविंद चंद्रवंशी,खीराम चंद्रवंशी, पृथ्वी चौहान,सहदेव साहू,कपिल नारायण चंद्रवंशी सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक,गणमान्य नागरिक, मातृशक्ति व बच्चे उपस्थित रहे।







