

इस कार्यक्रम के प्रथम दिवस के विषय वस्तु के आधार पर विपदा, आपदा, संवेदनशीलता एवं क्षमता को परिभाषित किया गया, तत्पश्चात विभिन्न आपदाओं जिसके अंतर्गत प्राकृतिक आपदा, मानवीकृत आपदाओं पर विस्तृत चर्चा किया गया एवं सभी आपदाओं द्वारा होने वाले दुष्प्रभावों पर भी विस्तृत चर्चा किया । सहयोगी मास्टर ट्रेनर महेंद्र पटेल द्वारा विभिन्न आपदाओं से कैसे बचें जैसे- भूकंप, आग, बाढ़, बिजली, आंधी सर्प, बिछु, संक्रमण बीमारी इसपर विस्तृत चर्चा किया गया।
द्वितीय दिवस पर कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की स्तुति गान से किया गया पश्चात प्रथम दिवस के प्रतिवेदन वाचन गजानंद वैष्णव सहायक शिक्षक PS महिदही व दिलीप साहू सहायक शिक्षक PS रौद्रा किया गया। कार्यक्रम को आगे गति प्रदान करते हुए शाला आपदा प्रबंधन समिति के गठन व शाला आपदा प्रबंधन दल के गठन सह उनके जिम्मेदारियों व कार्यों पर विस्तृत चर्चा किया गया।
तृतीय दिवस का शुभारंभ पुनः मां सरस्वती की स्तुति गान द्वारा किया गया व महेश्वर प्रसाद श्रीवास शिक्षक MS महिदही व सहायक शिक्षक गजनद वैष्णव PS महिदही द्वारा द्वितीय दिवस का प्रतिवेदन वचन किया गया । तृतीय दिवस के प्रशिक्षण में मुख्य रूप से व्यक्तिगत सुरक्षा, व बाल दुर्व्यवहार पर केंद्रित करते हुए बच्चों के मानसिक शोषण,शारिरिक शोषण, भावनात्मक, मनोवैज्ञानिक व बाल यौन शोषण तथा बालिका सुरक्षा के अंतर्गत माहवारी सुरक्षा पर विस्तृत चर्चा-परिचर्चा करते हुए गहरी समझ विकसित करने का प्रयास किया गया ।तृतीय दिवस पर संकुल स्तरीय शाला सुरक्षा कार्यक्रम के निरीक्षण हेतु जिला डाइट कार्यक्रम प्रभारी थलज कुमार साहू का आगमन हुआ जिसमें संकुल में सुचारू रूप से चल रहे प्रक्षिण पर व शिक्षकों लगभग शत प्रतिशत (43/47) संतुष्टि व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की गंभीरता पर प्रकाश डालते हुए सभी विषय वस्तुओं पर सारगर्भित उदबोधन प्रदान किया गया साथ ही साथ अपने शालाओं में बच्चों को प्रशिक्षित करते हुए इसके शत प्रतिशत क्रियान्वयन के लिए निर्देशित किया गया। संकुल प्राचार्य के शाला के अन्य कार्य (UDIES) में संलग्न होने के कारण प्रभारी एम के बारले द्वारा तीन दिवसीय शाला सुरक्षा एवं व्यक्तिगत सुरक्षा कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी शिक्षकों को बधाई प्रेषित करते हुए एवं शाला सुरक्षा को अपने शालाओं में शत प्रतिशत लागू करने की कामना करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा किया गया।






