पाटन। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभी जारी है । आयोग का पूरा अमला अभी इसी कार्य में लगा है। पाटन में इसी विषय पर बैठक आयोजित था उसी बैठक में जनपद पंचायत सीईओ जो कि अभी सहायक निर्वाचन अधिकारी भी उनसे एसडीओ आर ई एस की बैठक में बहस हो गई। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक एसडीओ आर ई एस अभिजीत मित्रा द्वारा जनपद सीईओ से पूरा स्टाफ के सामने ही दुर्व्यवहार किया गया।सहायक निर्वाचन अधिकारी द्वारा दिए गए आदेश पर सवाल किया गया। आदेश मानने से इंकार किया गया। इसे लेकर सीईओ ने sdm को पत्र लिखा है जिसके बाद अभिजीत मित्रा को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। नोटिस में लिखा है कि एस आई आर विषयांतर्गत संदर्भित पत्र के तारतम्य में लेख है की भारत निर्वाचन आयोग के पत्र दिनांक/23/2025-ERS (Vol.LL) 27.10.2025 के द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 2026 के संबंध विस्तृत दिशा निर्देश प्राप्त हुए है। जिसके अनुसार 04 नम्बर 2025 से विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य प्रांरभ हुआ है। जिसको समय सीमा में पूर्ण किये जाने के निर्देश है। उक्त कार्य समय सीमा में पुर्ण किये जाने हेतु आज दिनांक 16.11. 2025 को वरिष्ठ कार्यालय के निर्देशानुसार मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी विधानसभा क्षेत्र 62 पाटन द्वारा अधीनस्थ स्टॉफ सहित बैठक आयोजित की गई जिसमें आपके द्वारा सभी स्टॉफ के समक्ष दुर्वव्यहार कर आयोग के निर्देशों की अवहेलना करते हुए SIR कार्य नहीं करने के संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी विधानसभा क्षेत्र 62 पाटन द्वारा ज्ञापन प्राप्त हुआ है। प्रथम दृष्टया आपका उक्त आचरण लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 तथा सीविल सेवा आचरण नियम 1965 में उल्लेखित प्रावधानों के प्रतिकुल है। अतः उक्त संबंध में कार्यालय जनपद पंचायत पाटन द्वारा प्रेषित ज्ञापन की प्रति उपलब्ध कराई जा रही है। तत्संबंध में अपना जवाब 2 दिवस के भीतर हद्योस्ताक्षरकर्ता के समक्ष उपस्थित होकर प्रस्तुत करें। जवाब संतोषप्रद नहीं होने की स्थिति में आपके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही हेतु कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दुर्ग को प्रस्तावित की जावेगी जिसके लिये आप स्वयं जिम्मेदार होंगे







