सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026: महिला सूझबूझ और सामाजिक नवाचार को खुला आमंत्रण…विजेता नवाचार को ₹10 लाख;17 अक्टूबर तक करें आवेदन

दुर्ग।घर, खेत, समूह और कार्यस्थल पर महिलाएँ प्रतिदिन संसाधनों के बेहतर उपयोग के नए तरीके खोजती हैं। ईंधन बचाने वाला चूल्हा, स्व-सहायता समूह के उत्पादों की आकर्षक पैकेजिंग और ऑनलाइन बिक्री का नया मॉडल, या पोषण और स्वच्छता से जुड़े सरल उपकरण ऐसे विचार छोटे स्तर से शुरू होकर बड़े बदलाव का आधार बन सकते हैं। सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026 महिलाओं को ऐसे नवाचारी समाधान आगे लाने का अवसर देता है।


चैलेंज में प्रत्येक क्षेत्र (सेक्टर) का एक पुरस्कार महिला श्रेणी के लिए आरक्षित है। इस श्रेणी में तीन प्रकार से आवेदन किया जा सकता है- कोई महिला व्यक्तिगत रूप से ऐसी टीम जिसके मुख्य सदस्यों में कम से कम 50 प्रतिशत महिलाएँ हों; अथवा ऐसी संस्था जिसकी कम से कम 51 प्रतिशत अंशधारिता पिछले दो माह या अधिक से महिलाओं के पास हो। महिला श्रेणी में आवेदन करने पर इसका प्रमाण भी अपलोड करना होगा।


छात्राएँ, गृहिणियाँ, शिक्षिकाएँ, शोधार्थी, महिला उद्यमी तथा महिला स्व-सहायता समूह सभी इसमें भाग ले सकते हैं। आवेदक अथवा टीम के किसी एक सदस्य के पास छत्तीसगढ़ का मूल निवास प्रमाण-पत्र होना अनिवार्य है। कंपनी पंजीयन आवश्यक नहीं है, और केवल विचार के स्तर पर भी आवेदन किया जा सकता है।
प्रत्येक विजेता को ₹10 लाख की राशि दी जाएगी। प्रत्येक क्षेत्र में पाँच विजेता होंगे तीन सामान्य, एक महिला तथा एक 21 वर्ष से कम आयु श्रेणी से। कुल पुरस्कार राशि ₹5 करोड़ है।


आवेदन पोर्टल sevainnovationchallenge.in पर मोबाइल ओटीपी से पंजीयन कर किया जा सकता है। आवेदन में समस्या, समाधान और उसकी वर्तमान स्थिति का विवरण देना होगा। मूल निवास प्रमाण-पत्र, पहचान पत्र, टीम का विवरण और छह स्लाइड की पीडीएफ प्रस्तुति (अधिकतम 10 एमबी) अपलोड करनी होगी।
आवेदन 23 सितंबर 2026 से प्रारंभ हैं। अंतिम तिथि 17 अक्टूबर 2026, रात्रि 11:59 बजे है।