रायपुर।छत्तीसगढ़ में डिजिटल गवर्नेंस को नई दिशा देते हुए ‘सेवा सेतु’ पोर्टल का शुभारंभ किया गया। नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) से लॉन्च किए गए इस उन्नत ई-डिस्ट्रिक्ट प्लेटफॉर्म के जरिए अब नागरिकों को 441 सरकारी सेवाएं एक ही मंच पर उपलब्ध होंगी।

सरकार का दावा है कि इस पहल से पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को मजबूती मिलेगी। आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल से सेवाओं को अधिक सरल और प्रभावी बनाया गया है।
एक प्लेटफॉर्म, सैकड़ों सेवाएं
‘सेवा सेतु’ पोर्टल पर 54 नई सेवाओं समेत कुल 441 सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसमें आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, विवाह पंजीयन जैसी प्रमुख सुविधाएं शामिल हैं। अब तक इस प्रणाली के जरिए करोड़ों ट्रांजेक्शन और प्रमाण-पत्र जारी किए जा चुके हैं। नई व्यवस्था में व्हाट्सएप के जरिए भी आवेदन, स्टेटस ट्रैकिंग और प्रमाण-पत्र प्राप्त करने की सुविधा दी गई है। फिलहाल यह सुविधा 25 सेवाओं के लिए शुरू की गई है, जिसे जल्द सभी सेवाओं तक विस्तारित किया जाएगा।
AI और डिजिटल इंटीग्रेशन से आसान प्रक्रिया
पोर्टल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, आधार आधारित ई-केवाईसी, डिजिलॉकर, ई-प्रमाण और उमंग जैसे प्लेटफॉर्म का एकीकरण किया गया है। इसके अलावा ऑनलाइन भुगतान के लिए ई-चालान और ट्रेजरी सिस्टम भी जोड़ा गया है, जिससे नागरिकों को एक ही जगह पर पूरी सुविधा मिल सके।
22 भाषाओं में उपलब्ध सेवा
‘सेवा सेतु’ पोर्टल को ‘भाषिणी’ तकनीक के जरिए 22 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है, जिससे भाषा की बाधा खत्म हो गई है और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी आसानी से इसका उपयोग कर सकेंगे। छत्तीसगढ़ में 800 से अधिक लोक सेवा केंद्र, 1000 से ज्यादा चॉइस सेंटर और 15 हजार से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से इन सेवाओं को आम जनता तक पहुंचाया जाएगा।
समय-सीमा और पारदर्शिता पर जोर
लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत सेवाओं की समय-सीमा सुनिश्चित करने के लिए ऑटोमेटिक पेनल्टी, शिकायत पंजीकरण और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं। सरकार का मानना है कि ‘सेवा सेतु’ के जरिए नागरिकों को घर बैठे तेज, सुरक्षित और पारदर्शी सेवाएं मिलेंगी, जिससे प्रशासन और जनता के बीच की दूरी कम होगी।






