शैलदेवी महाविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS)
सात दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन




अंडा। फोटो।  शैलदेवी महाविद्यालय अंडा, दुर्ग की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा ग्राम–चिरपोटी, दुर्ग में  सात दिवसीय विशेष शिविर का आयोजन किया गया।
पूरे सप्ताह विविध सामाजिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य, स्वच्छता, जागरूकता एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से स्वयंसेवकों ने ग्राम समुदाय में जनजागरूकता का अलख जगाया। शिविर का उद्घाटन मुख्य अतिथि श्री जैनेंद्र दीवान, कार्यक्रम समन्वयक, हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ. रजनीश उमरे, प्राचार्य डॉ. के.एन. मिश्र, सरपंच  पूजा चंद्राकर एवं ग्राम के पंचगण उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि ने युवाओं को देश की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए NSS के माध्यम से सामाजिक विकास में योगदान देने की प्रेरणा दी।
जनजागरूकता, योग, स्वच्छता एवं श्रमदान सभी (सात) दिन का आरंभ प्रातः 06:00 बजे NSS लक्ष्य गीत और राष्ट्रगान से हुआ। प्रतिदिन प्रभात फेरी के माध्यम से ग्रामीणों को स्वच्छता, नशामुक्ति, स्वास्थ्य, पल्स पोलियो, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया गया।
योगाभ्यास सुश्री स्वाति डोटे एवं रामचंद्र मिशन मेडिटेशन फाउंडेशन के प्रशिक्षकों द्वारा कराया गया, जिसने विद्यार्थियों में एकाग्रता और अनुशासन का विकास किया।
स्वयंसेवकों ने विभिन्न परियोजना स्थलों—दुर्गा भवन, सतनाम भवन, पंचायत परिसर, यात्री प्रतीक्षालय एवं सार्वजनिक स्थलों पर श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया।
बौद्धिक सत्र एवं विषय-विशेष मार्गदर्शन पूरे शिविर में विविध विशेषज्ञों ने सामाजिक, कानूनी, स्वास्थ्य एवं करियर विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया— श्री उमेश कुमार भागवतकर (व्यवहार न्यायाधीश) – विधिक साक्षरता, महिला एवं किशोर अधिनियमों की जानकारी, श्री चंद्रहास साहू एवं श्री महेश्वरी साहू ने – किशोर अधिकार, पॉक्सो एक्ट एवं माहवारी स्वच्छता, CISF अधिकारी श्री शिशुपाल सिंह एवं श्री मनोज कुमार वाजपेयी – राष्ट्र सेवा, सुरक्षा बलों की कार्यप्रणाली एवं अनुशासन के विषय में, श्री सूर्यभान सिंह (कैरियर कोचिंग संस्थान) – प्रतियोगी परीक्षाएँ, पाठ्यक्रम, चयन प्रक्रिया एवं करियर मार्गदर्शन,
श्रीमती मेघा राठी (वैदिक गुरुकुल) – गुरुकुल परंपरा एवं आधुनिक शिक्षा का तुलनात्मक विवेचन को स्पष्ट किए और डॉ. रजनी रॉय ने “बेटा बचाओ, बेटा पढ़ाओ’’ विषय पर सारगर्भित वक्तव्य दिया।
डॉ. मानसी गुलाटी (गायनोलॉजिस्ट) – महिलाओं के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
विशेष सत्र में NSS इकाई द्वारा “बेटा बचाओ, बेटा पढ़ाओ” का शपथग्रहण भी कराया गया।
महिलाओं के लिए स्वावलंबन एवं कौशल प्रशिक्षण आयोजन किया गया जिसमें प्रशिक्षकों द्वारा केक, नारियल लड्डू एवं अन्य व्यंजन बनाने की विभिन्न विधियाँ सिखाई गईं।
ग्राम की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त कदम बढ़ाया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं ग्रामीण सहभागिता प्रतिदिन रात्रि 08:00 से 10:00 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमें स्वयंसेवकों ने नशामुक्ति, सामाजिक समरसता, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति से जुड़े जागरूकता संबंधी संदेशों को मनोरंजक प्रस्तुतियों के माध्यम से गाँव में प्रसारित किया।
ग्रामवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और कार्यक्रमों की सराहना की।
समापन समारोह (22 दिसंबर 2025)
सात दिवसीय शिविर का समापन शैलदेवी महाविद्यालय के चेयरमैन  राजन कुमार दुबे के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। उन्होंने शिविर की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती योगिता नशीने एवं  राजेश साहू सहित सभी स्वयंसेवकों को बधाई दी।
उन्होंने युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण धुरी बताते हुए समाज सेवा में निरंतर सक्रिय रहने का संदेश दिया।
इस प्रकार सात दिवसीय NSS विशेष शिविर ग्राम चिरपोटी में जनसहभागिता, सामाजिक चेतना, स्वच्छता, स्वास्थ्य जागरूकता, महिला सशक्तिकरण, सांस्कृतिक संरक्षण तथा राष्ट्रभावना को प्रोत्साहित करने का प्रेरणादायी मंच सिद्ध हुआ।
स्वयंसेवकों की अनुशासन, श्रम, सेवा भावना एवं उत्साह ने इस शिविर को ऐतिहासिक रूप प्रदान किया।