शिकसा ने कवि सम्मेलन का किया आयोजन…साहित्यिक प्रतिभा शिक्षकों के रोम रोम में बसा है : शिवनारायण देवांगन

अंडा। शिक्षक कला व साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ ने नव वर्ष का उमंग शिकसा के संग साझा करने के लिये “शिकसा विराट कवि सम्मेलन” कार्यक्रम का आयोजन संयोजक डॉ.शिवनारायण देवांगन “आस” के संयोजन, कार्यक्रम प्रभारी विजय कुमार प्रधान व टीकाराम सारथी “हसमुख” सलाहकार शिकसा के अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ ।


कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना किरण शर्मा व राजगीत तारा बन्छोर ने प्रस्तुत कर किया।
सर्वप्रथम संस्थापक व संयोजक डॉ.शिवनारायण देवांगन “आस” ने कहा कि साहित्यिक प्रतिभा शिक्षकों के रोम रोम में बसा हुआ है बस उसे अवसर देने की जरूरत है फिर सामने प्रगट होने लगता है और यह काम हमारी संस्था शिकसा इसे निरंतर करते आ रहा है।


तदपश्चात प्रांताध्यक्ष कौशलेंद्र पटेल ने अपने उदबोधन में कहा शिकसा ही एक ऐसा मंच है जो सबको अवसर प्रदान करता है और आज संयोजक डाॅ.शिवनारायण के निरंतर कार्यक्रम आयोजन से शिक्षकों के प्रतिभा निखर रहा है।
तदपश्चात महासचिव डाॅ. बोधीराम साहू, कोषाध्यक्ष जगन्नाथ प्रसाद देवांगन, संगठन मंत्री राधेश्याम कवंर व कार्यक्रम प्रभारी विजय कुमार प्रधान ने भी अपना अपना उदबोधन प्रस्तुत करते हुए कहा कि शिकसा महोत्सव 2025 का आयोजन 16 फरवरी को होने वाला है इसमें सभी पदाधिकारी व सदस्य अनिवार्य रूप से अपनी उपस्थिति सुनिश्चित कर कार्यक्रम को ऐतिहासिक सफल बनाये।


अंत में कार्यक्रम के अध्यक्ष टीकाराम सारथी”हसमुख” ने अध्यक्षीय उदबोधन में आयोजित कार्यक्रम का तारीफ करते हुए कहा कि शिकसा विगत 05 वर्षो से निरंतर शिक्षक व छात्र उपयोगी कार्यक्रम कर प्रतिभा को पहचान दे रहा है और अंत में गीत सुनाकर मंत्रमुग्ध किया।


कार्यक्रम में हरमन कुमार बघेल, संतोष कुमार मिरी, मोहित कुमार शर्मा, ओ.पी.कौशिक “रतनपुरिहा”, डॉ.शालिनी श्रीवास्तव, राजीव लोचन कश्यप, मदनलाल तोमर, शकुन्तला सहंश, रामलाल कोसले, हेमा चन्द्रवंशी, शिवकुमार अंगारे, शशिकला पाण्डेय, विंध्यवासिनी पांडेय, नैना साहनी, दिनेश कुमार दुबे, चन्द्रकला शर्मा, रेखा पात्रे, प्रियंका सिन्हा, सुनीता जर्नादन ने स्वरचित गीत कविता प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम का संचालन रामकुमार पटेल व आभार प्रदर्शन डॉ. शिवनारायण देवांगन”आस” ने किया।