बलराम यादव

पाटन। जनपद पंचायत पाटन द्वारा मुख्य द्वार के समीप निर्मित व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स की चार दुकानें पिछले तीन साल से अधिक समय से खाली पड़ी हैं। लंबे समय से उपयोग में नहीं आने के कारण दुकानों की स्थिति धीरे-धीरे खराब होती जा रही है और अब इनके खंडहर में तब्दील होने की स्थिति निर्मित हो रही है।

जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत द्वारा व्यवसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और पंचायत को राजस्व उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इन दुकानों का निर्माण कराया गया था। निर्माण कार्य पूरा हुए तीन साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक दुकानों का आबंटन नहीं हो पाया है। दुकानों का आबंटन आखिर किस कारण से नहीं हो रहा है, यह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

एक बार शुरू हुई थी आबंटन की प्रक्रिया
बताया जाता है कि पूर्व में इन दुकानों के आबंटन के लिए एक बार प्रक्रिया भी शुरू की गई थी, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई और दुकानें अब तक खाली पड़ी हैं। इसके चलते जनपद पंचायत को संभावित राजस्व से भी वंचित होना पड़ रहा है।
नए सीईओ से आबंटन की उम्मीद
महेंद्र जांगड़े के नए मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के रूप में पदस्थ होने के बाद अब इन दुकानों के आबंटन को लेकर उम्मीद जगी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नियमानुसार जल्द आबंटन की प्रक्रिया पूरी कर दी जाए तो लंबे समय से खाली पड़ी दुकानों का उपयोग शुरू हो सकेगा।
दुकानों का आबंटन होने से जहां व्यवसायियों को दुकान उपलब्ध होगी, वहीं जनपद पंचायत पाटन को नियमित रूप से राजस्व की प्राप्ति भी होगी। अब देखना होगा कि नए सीईओ के कार्यकाल में इन दुकानों के आबंटन की प्रक्रिया कब तक पूरी होती है।






