अटल स्मृति सम्मेलन में श्रद्धा साहू की अपील — जन्मदिन व पुण्यतिथि पर शासकीय स्कूलों में बांटें खुशियां, करें मॉनिटरिंग




अंडा। फोटो। अटल स्मृति सम्मेलन के माध्यम से सभापति श्रीमती श्रद्धा पूरेन्द्र साहू ने जनमानस से एक भावनात्मक और सामाजिक अपील की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हम अपने जन्मदिन, बच्चों के जन्मदिन या माता-पिता की पुण्य स्मृति में पूजा-पाठ, यज्ञ-हवन और दान जैसे कार्य करते हैं, उसी प्रकार हमारी अमूल्य धरोहर शासकीय शिक्षा व्यवस्था से जुड़े शासकीय स्कूलों में जाकर सफाई अभियान चलाकर, बच्चों का मुंह मीठा कराकर और उनके साथ खुशियां बांटकर भी इन अवसरों को सार्थक बनाया जा सकता है।
श्रद्धा साहू ने कहा कि शासकीय तंत्र और शासकीय संस्थान जनता की पूंजी हैं, उनकी रक्षा और उन्नयन करना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। जिस अधिकार से हम अपने बच्चों को शासकीय स्कूलों में पढ़ने भेजते हैं, उसी अधिकार से हमें वहां की मॉनिटरिंग भी करनी चाहिए। उन्होंने निजी स्कूलों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां अभिभावक अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा फीस के रूप में देते हैं, इसलिए वहां साफ-सफाई, सुविधाएं और अनुशासन सुनिश्चित रहता है, जबकि शासकीय स्कूलों में प्रशिक्षित शिक्षक और अच्छे भवन होने के बावजूद मॉनिटरिंग की कमी के कारण वे पीछे रह जाते हैं।
उन्होंने समाज के संपन्न वर्ग से भी आग्रह किया कि जो अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं, वे भी अपने बच्चों के जन्मदिन जैसे अवसरों पर आसपास के शासकीय स्कूलों में जाकर वहां पढ़ने वाले बच्चों के बारे में सोचें और नशा उन्मूलन, स्वच्छता, मोटिवेशनल स्पीच जैसे सामाजिक कार्यक्रमों में समय-समय पर भागीदारी निभाएं। जिसकी शुरुआत श्रद्धा पुरंदर साहू ने 31 दिसंबर को अपने बच्चों के जन्मदिन पर किया निकटतम शासकीय विद्यालय में साफ सफाई कर बच्चों को मिष्ठान वितरण किया
श्रद्धा साहू ने कहा कि यदि समाज मिलकर शासकीय स्कूलों की देखरेख और मॉनिटरिंग करेगा तो शासकीय संपत्तियों की सुरक्षा भी होगी और शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाकर उसका अधिकतम लाभ लिया जा सकेगा। अंत में उन्होंने सभी नागरिकों से शासकीय स्कूलों की सतत मॉनिटरिंग करने का आग्रह किया।