हवन कथा व तुलसी वर्षा के साथ श्रीमद् भागवत कथा का हुआ समापन…श्रद्धालुओं ने आहुति देकर विश्व शांति की कामना की

पाटन।समीपस्थ ग्राम बोरीद में पाण्डेय परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत कथा गुरुवार को जबरदस्त उत्साह के साथ गीता, सहस्त्र धारा तुलसी वर्षा   हवन पूजन के साथ कथा का समापन हुआ ।
समापन दिवस पर हवन यज्ञ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आहुति देकर विश्व शांति की कामनामना की।

कथावाचक आचार्य चन्द्रकांत दुबे ने विधि विधान से पूजा अर्चना के बाद हवन यज्ञ में मुख्य जजमानों के साथ परिवार के लोगो ने हवन कर सभी के सुख और शांति की कामना की इस दौरान उन्होंने भागवत कथा के महत्व पर भी प्रकाश डालते हुए पंडित श्री दुबे ने कहा कि भागवत कथा के श्रवण मात्र से ही जन्म जन्मांतर के पाप दूर हो जाते हैं।

इस दौरान कथा स्थल पर देवी देवताओं के जयकारें भी गूंजतें रहे। भागवत भगवान के महत्व को बताते हुये कहा कि भागवत का सार तत्व है भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और तपस्या, जो कभी भी खत्म नहीं होता है। भगवान श्रीकृष्ण भक्ति के अटूट प्रेम थे। पूरी संसार में श्रीकृष्ण के लिए ऐसा भक्ति जो कि जीवन ही तार कर दे। श्रीकृष्ण से जितना प्रेम करोगे उतना ही प्रेम का रंग चढ़ता जायेगा।
कथा समापन होने के पश्चात शाम को प्रसादी के रूप में भंडारे का आयोजन किया गया था।

इस अवसर पर डॉ शिवकुमार पाण्डेय, सरिता पाण्डेय , लवप्रसाद , रश्मि पाण्डेय , मीरा पाण्डेय, ईश्वर , रानू , सत्यनारायण, गुंडिया , संजय, अरुण , अनिता , ओमप्रकाश शर्मा, श्रुति, सुनीता , शैफाली, शिवानी , अपर्णा , बिसेलाल, घनश्याम वर्मा, मीना वर्मा, अशोक , अमन , आयुष, अंश , डॉली , शुभी , निधि , अंकिता , अधिक संख्या में श्रोता उपस्थित थे।