पूर्णाहुति, तुलसी वर्षा और महाभंडारा के साथ श्रीमद् भागवत कथा का हुआ समापन

अण्डा। ग्राम खप्परवाड़ा में आयोजित संगीतमयी श्रीमद् भागवत कथा का समापन बड़े ही श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ किया गया। अंतिम दिवस पर पूर्णाहुति, तुलसी वर्षा और महाभंडारा का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान के साथ हवन और पूर्णाहुति से हुई, जहां श्रद्धालुओं ने आहुति देकर सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। इसके पश्चात तुलसी वर्षा का दिव्य आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों ने भक्ति भाव से भाग लेकर आध्यात्मिक आनंद प्राप्त किया।
समापन अवसर पर महाभंडारा आयोजित किया गया, जिसमें दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन में भक्ति और उत्साह का माहौल बना रहा।
कथा के दौरान कथावाचक पं. भूपेंद्र पांडे जी ने भगवान की महिमा का गुणगान करते हुए कहा कि श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण मनुष्य के जीवन को सफल बनाता है और उसे मोक्ष का मार्ग दिखाता है।


यह धार्मिक आयोजन स्व. वीरेंद्र सिंह चंद्राकर जी की पुण्य स्मृति में किया जा रहा है। स्व. श्री डोमन सिंह चन्द्राकर – शामबती,स्व.  फकीर सिंह चन्द्राकर- बिसाहिन बाई, हीरा बाई,स्व.  अमन सिंह चन्द्राकर – मीनाक्षी,स्व. शिवप्रसाद – स्व. श्रीमती देवकी बाई चन्द्राकर,स्व.  चन्द्रशेखर चन्द्राकर, स्वागताकांक्षी श्रीमती रितु – लोकेश चन्द्राकर,श्रीमती वन्दना – मनीष देशमुख,श्रीमती प्रीति – जयन्द्र चन्द्राकर दर्शनाभिलाषी श्री गुलाब सिंह, खेमन सिंह, ईश्वर सिंह, नारायण सिंह, इन्द्रपाल सिंह, खिलावन सिंह, ऋषि, पुरुषोत्तम, राजकुमार, धीरज, एवं समस्त सौनक परिवार,प्रतिक्षारत्श्री डॉ. घनश्याम, अशोक, रमाकांत, राजकिशोर, कुलेश्वर, अनुप,उत्सुक नयन,जेमिनी, वैभव, जीत, अभिनव, अरूणिमा,आयोजन में उनके पुत्र संदीप (बंटी) – भारती चन्द्राकर, सौरभ (बाबू),माधवी चन्द्राकर,आदित्य, अनिरुद्ध (पौत्र)  सहित परिवारजनों और ग्रामवासियों की सक्रिय सहभागिता रही। कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर धर्म लाभ प्राप्त किया।