राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 का मूल आधार कौशल विकास एवं आत्मनिर्भरता : प्रो. प्रदीप कुमार घोष…शैल देवी महाविद्यालय में व्याख्यान का हुआ आयोजन

अंडा। शैलदेवी महाविद्यालय, अण्डा में आज “राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के संदर्भ में कौशल विकास एवं स्वावलंबन” विषय पर एक दिवसीय व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. प्रदीप कुमार घोष, कुलपति, सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, बिलासपुर तथा विशिष्ट अतिथि श्री राजन कुमार दुबे, संचालक, शैलदेवी महाविद्यालय रहे। अध्यक्षता डॉ. रजनी राय, संयुक्त संचालक, शैलदेवी महाविद्यालय ने किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. के. एन. मिश्रा के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए उनके शैक्षणिक एवं प्रशासनिक योगदान का उल्लेख किया तथा महाविद्यालय की गौरवशाली परंपरा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु संचालित शैक्षणिक गतिविधियों का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत किया।अपने प्रेरक उद्बोधन में प्रो. प्रदीप कुमार घोष ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को कौशल सम्पन्न, आत्मनिर्भर एवं रोजगारोन्मुख बनाना है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत–2047 के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए युवाओं में कौशल, नवाचार, उद्यमिता और तकनीकी दक्षता का विकास अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सी. वी. रमन विश्वविद्यालय प्रदेश के अग्रणी विश्वविद्यालयों में है, जहाँ लगभग 57 हजार स्किल सेंटर युवाओं के कौशल विकास के लिए कार्यरत हैं।उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं को केवल शासकीय सेवाओं तक सीमित न रखें, बल्कि अपनी प्रतिभा एवं कौशल को निखारकर स्वरोजगार, स्टार्टअप तथा निजी क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों का भी लाभ उठाएँ। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), कंप्यूटर तकनीक एवं आधुनिक सॉफ्टवेयर कार्य संस्कृति में व्यापक परिवर्तन ला रहे हैं।

इन तकनीकों का समुचित उपयोग कर युवा नए रोजगार के अवसर सृजित कर सकते हैं तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।कार्यक्रम का प्रभावी संचालन श्री जितेश मिश्रा ने किया तथा अंत में उप प्राचार्य डॉ. रश्मि पाण्डेय ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय परिवार की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। यह व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी, ज्ञानवर्धक एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 की भावना को व्यवहारिक रूप से समझने का सशक्त माध्यम सिद्ध हुआ।