पाटन। ग्राम पंचायत बीजाभाठा के आश्रित गांव घोरारी में बुनियादी सुविधाओं का अभाव ग्रामीणों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। गांव में नाली की कोई व्यवस्था नहीं होने से घरों का गंदा पानी गलियों में बह रहा है, जिससे पूरे गांव में गंदगी और बदबू का आलम है।
हालात इतने बदतर हैं कि कचरे से भरी नाली के ठीक पास हैंडपंप स्थापित है, जहां से ग्रामीण पीने का पानी भरने को मजबूर हैं। इससे गंभीर बीमारियों का खतरा बना हुआ है, लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधि आंख मूंदे बैठे हैं।
गांव की गलियों में दिन भर गंदा पानी बहता रहता है, जिससे लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। बदबू और गंदगी से ग्रामीण त्रस्त हैं।
ग्रामीणों ने कई बार सरपंच से सफाई व्यवस्था सुधारने और नाली निर्माण की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच द्वारा इस गंभीर समस्या को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
अब सवाल यह है कि क्या किसी बीमारी के फैलने के बाद ही पंचायत और प्रशासन जागेगा? या फिर घोरारी गांव यूं ही गंदगी और बदहाली में जीने को मजबूर रहेगा।







