पाटन। ग्राम जामगांव आर में रहने वाली कुमारी स्मिता रानी भारदीय पिता युगेश कुमार भारदिय को गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर से रसायन शास्त्र में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। वर्तमान में वे उतई में निवास कर रही है। उन्होंने शोध के गाइड डॉ. मनोरमा सहायक प्राध्यापक गुरु घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर के मार्गदर्शन में पूरा किया। शोध परियोजना सी.एस.आई.आर. नई दिल्ली के जे.आर.एफ. और एस.आर.एफ. शोध वृत्ति योजना के तहत शोध कार्य को पूरा किया गया।।इसके अलावा स्मिता रानी ने और भी उपलब्धि हासिल की है जिसमे शोध कार्य के अंतर्गत इन्होंने जल में उपस्थित विभिन्न जहरीले तत्व, हानिकारक रसायन तथा भारी तत्वों के सेंसर का निर्माण किया सी.एस.आई.आर. व यू.जी.सी. द्वारा आयोजित पात्रता परीक्षा में वर्ष 2016 में ऑल इंडिया रैंक 83 प्राप्त कर शोध हेतु सी.एस.आई.आर. फेलोशिप प्राप्त किया।
अब तक 18 से अधिक शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय जनरल में प्रकाशित किया हो चुका है। स्मिता के सामाजिक उपलब्धियां में शोध हेतु आई.आई.टी. चेन्नई में चयन के पश्चात भी छत्तीसगढ़ के केंद्रीय विश्वविद्यालय को प्राथमिकता दिया। उन्होंने अपनी उपलब्धियों से ग्राम भरर, उतई एवं दिल्लीवार कुर्मी क्षत्रिय समाज को गौरवान्वित किया। वर्तमान में छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय में व्याख्याता रसायन के पद पर कार्यरत हैं।







