रिपोर्टर, प्रभा यादव

जशपुर : छत्तीसगढ़ शासन महिला व बाल विकास विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार कलेक्टर डॉ रवि मित्तल के मार्गदर्शन में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला और बाल विकास विभाग द्वारा अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने जिले के सड़कों पर जीवन काटने वाले बच्चों के सर्वेक्षण रेस्क्यू और पुनर्वास के लिए नीति बाल सक्षम जारी की गई है। नीति अनुसार सड़क जैसे परिस्थिति में निवासरत बच्चों के सर्वेक्षण, रेस्क्यू एवं पुनर्वास हेतु विशेष अभियान 31 मार्च तक चलाया जा रहा है।
उक्त अभियान में पुलिस अधीक्षक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, जिला शिक्षा अधिकारी, श्रम पदाधिकारी, एसडीएम एवं सीएमओ नगर पंचायत, विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी, चाइल्ड लाईन, जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी कर्मचारियों का रेस्क्यू दल गठित की गई है। अभियान के लिए बाल विकास परियोजना अन्तर्गत सेक्टर को संकुल बनाया गया है।
सड़कों पर रहने वाले बच्चों की चिह्नांकन के लिए विभिन्न मापदंड जारी किए गए हैं। जिसके अंतर्गत सड़क जैसी परिस्थिति में बिना किसी सहयोग के अकेले रहने वाले, सड़क जैसी परिस्थितियों में अपने परिवार के साथ रहने वाले और दिन में सड़क जैसी परिस्थितियों में व रात को अपने परिवार के साथ पास की झुग्गियों में रहने वाले बच्चे शामिल है। उक्त श्रेणी में रहने वाले बच्चों को अपनी उत्तरजीविता, भोजन, पानी, वस्त्र, आश्रय और संरक्षण के लिए प्रतिदिन विभिन्न प्रकार के संघर्षों व चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही उनके परिवारों को भी शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाते हुए उनके प्रशिक्षण और रोजगार की व्यवस्था की जाएगी।
राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग द्वारा इन बच्चों के चिह्नांकन संरक्षण और पुनर्वास के लिए चरणबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। जिसमें ऐसे बालकों का चिन्हांकन, उनकी सामाजिक पृष्ठभूमि की जानकारी एकत्र करना, देय सुविधाओं व्यक्तिगत देखभाल की योजना बनाना, बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुतिकरण, बालक, परिवार, अभिभावकों को विभिन्न शासकीय योजनाओं व सुविधाओं से जोड़ना और अनुवर्तन की कार्रवाई सुनिश्चित करना है।






