नवा रायपुर।नंदनवन जंगल सफारी में प्राकृतिक दर्शन कार्यक्रम के तहत परसुलीडीह शासकीय स्कूल के 104 विद्यार्थियों और 07 शिक्षकों ने जंगल सफारी का भ्रमण किया। इस अवसर पर नंदनवन पर्यावरण शिक्षा टीम द्वारा विश्व मृदा दिवस के उपलक्ष्य में विद्यार्थियों को मृदा से संबंधित जानकारी दी गई।

विद्यार्थियों को मृदा की संरचना, इसके प्रकार, उपयोगिता और पर्यावरणीय महत्व पर जानकारी प्रदान की गई। इसके साथ ही मृदा संरक्षण के उपायों और इसकी जैव विविधता में भूमिका पर चर्चा की गई।
इसके अतिरिक्त, नंदनवन जंगल सफारी के वन्यजीवों और छत्तीसगढ़ में चल रहे वन्यजीव संरक्षण प्रयासों की जानकारी दी गई।
सफारी भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने वन्यजीवों को प्रत्यक्ष रूप से देखा, जिससे उनका उत्साह बढ़ा और उन्होंने वन्यजीवों के संरक्षण के महत्व को गहराई से समझा। यह अनुभव न केवल शैक्षिक था, बल्कि प्रकृति के प्रति उनकी समझ और रुचि को भी प्रोत्साहित किया।
नंदनवन जंगल सफारी के संचालक श्री धम्मशील गणवीर ने अपने संबोधन में कहा,
“विश्व मृदा दिवस पर इस प्रकार के शैक्षिक कार्यक्रम बच्चों को मृदा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने में सहायक होते हैं। हमारा प्रयास रहेगा कि अधिक से अधिक बच्चों को इस प्रकार के अनुभव प्रदान किए जाएं, ताकि वे प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझ सकें।”






