16 मई राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर विशेष:आप भी जानिए कितना खतरनाक होता है डेंगू, क्या है लक्षण व कैसे बच सकते है आप इसे जानने पढ़िए बीएमओ डॉ आशीष शर्मा का यह आलेख

पाटन। डेंगू बीमारी के बारे में लोगों को जागरूक करने और डेंगू से होने वाली मौतों को रोकने हर वर्ष आज के दिन विश्व डेंगू दिवस मनाया जाता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जे पी मेश्राम के मार्गदर्शन एवं जिला मलेरिया अधिकारी डॉ सीबीएस बंजारे के निर्देशन में डेंगू के प्रति समुदाय को जागरूक करने, नियंत्रण हेतु उपाय आदि विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। खंड चिकित्सा अधिकारी पाटन डॉ आशीष शर्मा ने बताया कि डेंगू एडीस नामक मच्छर के काटने से होता है और यह मच्छर साफ पानी में पनपता है। उन्होंने बताया कि यह मच्छर सामान्यतः दिन में काटता है एवं यह स्थिर पानी जैसे कूलर, टंकी या घर में खुले में रखे बर्तन जिसमें कई दिनों से पानी बदला न गया हो या अन्य कोई जगह जहाँ पानी जमा हुआ हो, वहाँ डेंगू के मच्छर पनपते हैं। इसलिए घरों में उपयोग किए जाने वाले कूलर, टंकी या अन्य बर्तन आदि को जहाँ पानी जमा होता हो, उसे सप्‍ताह में एक दिन ड्राई-डे मनाते हुए पानी को पूरा बदलना चाहिए।

डेंगू का असर शरीर में सामान्यतः 3 से 9 दिनों तक रहता है। इससे शरीर में अत्यधिक कमजोरी आ जाती है और शरीर में प्लेटलेट्स लगातार गिरने लगता है। इन लक्षणों के प्रति सावधान रहने की जरूरत है।

*डेंगू से बचाव*

डेंगू से बचाव के लिए घर में साफ-सफाई पर ध्यान रखें व कूलर, गमले, बर्तन आदि में पानी जमा न होने दें या पानी रोज बदलें। सोते समय दिन हो या रात मच्छरदानी का उपयोग करें। पूरे शरीर को ढंकने वाले कपडे पहने एवं कमरों की साफ़-सफाई के साथ उसे हवादार रखें। घर के आसपास गंदगी जमा न होने दें। जमा पानी एवं गंदगी पर कीटनाशक का प्रयोग करें। खाली बर्तन, टायर व पुराने बर्तन, फूलदान एवं अन्य समानों में पानी जमा न होने दें। जमे हुए पानी में मच्छर के लार्वा दिखने पर , लर्विसायिड या मिट्टी का तेल डालें, 24 घंटे के बाद इस पानी को फेंके। मच्छरों से बचने घरों के दरवाजे व खिड़कियों में मच्छरदानी जाली जरूर लगाएं। डेंगू के लक्षण मिलने पर तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर स्वास्थ्य की जाँच अवश्य कराएँ।