पंडरिया।5 सितंबर 2026 को रायपुर स्थित लोकभवन के छत्तीसगढ़ मंडपम में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित हुआ, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के 67 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि महामहिम राज्यपाल रमेन कुमार डेका, कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा तथा स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह के करकमलों द्वारा कबीरधाम जिले के उत्कृष्ट शिक्षक को अलंकृत किया गया। इसी कड़ी में शिक्षा में नवाचार, समाज सेवा और नवाचारी शैक्षिक गतिविधियों में पारंगत शासकीय हाई स्कूल सोमनापुर (नया), विकासखंड पंडरिया के हिंदी एवं संस्कृत विषय के व्याख्याता संतोष कुमार साहू को शॉल, प्रशस्ति पत्र, शील्ड एवं चेक प्रदान कर सम्मानित करते हुए बधाई एवम शुभकामनाएं दी।यह उनके 21 वर्षों के शिक्षकीय कार्यकाल की एक अविस्मरणीय और सबसे बड़ी उपलब्धि रही।

व्याख्याता संतोष कुमार साहू वर्ष 2005 से लगातार अध्यापन कार्य कर रहे हैं। विषयों के प्रति बच्चों में सहज एवं सरल समझ विकसित करने के लिए वे विभिन्न नवाचारी गतिविधियों और खेल-आधारित पठन-पाठन का उपयोग करते हैं। वे बच्चों को स्वयं की अभिव्यक्ति के अवसर प्रदान करने के साथ-साथ कविताओं को गीत और लय के साथ पढ़ाने का अभ्यास कराते हैं। कोरोना काल के कठिन समय में भी बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने के लिए उन्होंने नियमित रूप से ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की थीं।

विगत 6 वर्षों से बोर्ड परीक्षाओं में शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम देना, वृक्षारोपण, शाला त्यागी (ड्रॉपआउट) बच्चों को पुनः शिक्षा से जोड़ना और बालिका
शिक्षा को बढ़ावा देना उनके प्रमुख कार्यों में शामिल है। बच्चों में प्रतिस्पर्धात्मक भावना का विकास, योग व आत्मरक्षा प्रशिक्षण और समाज में नशामुक्ति एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता लाना उनके बहुआयामी व्यक्तित्व को प्रमाणित करता है। उनकी पूर्ण निष्ठा और रचनात्मकता ने विद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। इसी का परिणाम है कि उनका ग्रामीण स्कूल जिले का पहला ‘तंबाकू मुक्त शिक्षण संस्थान’ बना। उनके उत्कृष्ट मार्गदर्शन में यहां के छात्रों ने राज्य स्तरीय ओलंपियाड, खेल स्पर्धाओं और कला उत्सव में प्रथम स्थान प्राप्त किया है तथा राज्य की प्रावीण्य सूची (मेरिट लिस्ट) से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जापान यात्रा (सकुरा साइंस प्रोग्राम) तक अपनी और स्कूल की विशिष्ट पहचान स्थापित की है।
आसपास के क्षेत्र में वे एक आदर्श और सम्मानित शिक्षक के रूप में जाने जाते हैं। उनके इन्हीं निःस्वार्थ प्रयासों, नवाचारों और समर्पण के फलस्वरूप उन्हें इससे पूर्व मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण, श्रेष्ठ प्राचार्य, शिक्षा श्री, उत्कृष्ट व्याख्याता, छत्तीसगढ़ रत्न सम्मान, विकसित भारत, पढ़ई तुंहर दुआर, स्काउट एवं गाइड, श्रेष्ठ इको क्लब, सावित्री बाई फुले सम्मान, राधाकृष्णन सम्मान और राज्य बाल संरक्षण समिति सहित अनेक पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त होने पर उनके परिजनों, मित्रों, विद्यार्थियों एवं अंचल के शिक्षक-शिक्षिकाओं में हर्ष का माहौल है।







