राजनांदगांव। ऐसे बीमारी ने परिवार के लाडले को घेरा की परिवार के लोगो का जीना मुहाल हो गया था और परिवार सिर्फ इसी चिंता में कि उसका लाडला इस गंभीर बीमारी से निजात पा जाता और अपना जीवन बेहतर तरीके से जीता पढ़ता ,लिखता खेलता और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी को पूरा करता। नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मोतीपुर स्कूल के छात्र नमन वर्मा गंभीर रोग से ग्रस्ति होने की वजह से चिकित्सा सुविधा हेतु परिजन दर दर भटक रहे थे। जैसे ही बच्चे की व्यथा और परिवार का मर्म मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की जानकारी में आया और राजनांदगांव के स्थानीय नेताओं ने जब अपनी रुचि दिखाई तो छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार आखिर कैसे चुप रहती। उन्होंने इलाज के लिए 15 लाख रुपए की राशि स्वीकृत कर दी। स्मरण हो कि राजनांदगांव संस्कारधानी के इस बच्चे की व्यथा देशबंधु समाचार पत्र ने भी लगातर उठाई थी और फिर नमन के रोगग्रस्त होने की जानकारी व परिजनों की मार्मिक गुहार को मुखमंत्री ने प्राथमिकता से स्थान दिया। नतीजा बालक नमन के घर में इलाज को लेकर समूचा परिवार आश्वस्त नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री की दरियादिली से परिवार ही नहीं समूचा संस्कारधानी भी आत्मविभोर है।12 अगस्त को नमन को रोग मुक्त होने एवं नया जीवन मिलने की आशा भरी किरण प्रदेश के मुख्यमंंत्री भूपेश बघेल की सहृदयता से सामने आयी है निश्चित रूप से सरकार से मिली बड़ी मदद के बूते बालक नमन का सफल इलाज शीघ्र हो पाएगा और जल्द ही बीमारी से मुक्त होकर नमन अपनी स्वस्थ जिंदगी परिवार के साथ हंसते खेलते बिताएगा। मामूली से परिवार के लिए इससे खुशी की बात क्या हो सकती है की जिस इलाज की जिम्मेदारी के लिए परिजन यहां वहां भटकते रहे उसी प्रदेश के मुखिया ने उस परिवार के बालक के इलाज का जिम्मा उठाया।

छत्तीसगढ़ राज्य नोडल एजेंसी ने वैल्यूर स्थित क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज को पत्र लिखकर कहा कि नमन वर्मा पिता दुष्यंत वर्मा जिसे ए प्लास्टिक एन्यूमिनिया ब्लड स्टिम से ट्रांसप्लांट की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता (एमवायएसएचवाय) योजना अंतर्गत तकनीति समिति द्वारा निर्धारित पैकेज राशि की स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत राशि में कुछ टीडीएस राशि कटौती कर साढ़े 13 लाख यूटीआर क्रम — में 12 अगस्त को हस्तांरित कर दी गई।
अब नमन वर्मा के गंभीर रोग से मुक्त होने की आशा की किरण नजर आ रही है।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मामले की गंभीरता को लेते हुए राशि संबंधित चिकित्सालय वेल्यूर को हस्तांरित कर दिया है। राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र के विधायक पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिह ने भी 50 हजार रूपये का चेक नमन को बोन मैरो रिप्लेसमेंट के लिए राशि उपलब्ध कराई। यहां उल्लेखनीय है कि राजनांदगांव के एक नामचीन पत्रकार जो बिना किसी श्रेय की चाहत लिए जरूरतमंदों की समाज सेवा में हमेशा अग्रणी रहते है और नाम के प्रचार से दूर रह कर भी उन्होने शुरुवाती सहयोग किया जिसका मै खुद प्रत्यक्ष गवाह रहा हूं। बावजूद इसके बालक नमन के लिए मुख्यमंत्री की दरियादिली निश्चित रूप से मानवता के लिये काबिले तारीफ है।
उल्लेखनीय है कि दसवीं के छात्र नमन वर्र्मा को दुर्लभ बीमारी जिसे मेडिकल साइंस नारमेस्टिक हाईपोक्लाइड एन्युमियाविथ, सोमवास्टि (ए प्लास्टिक एन्यूमिनिया) कहते हैं। इसमें बच्चे के नाक, कान, मुंह से खून निकलता है। नमन के मां बाप पूरा परिवार आर्थिक परेशानी से जुझ रहा है। पिता उनका वाहन चालक एवं मां सिलाई मशीन चलाकर गुजर बसर करती है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि राजनांदगांव जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष नवाज खान की भूमिका महत्वपूर्ण रही जिसके कारण ही नमन की इलाज की राशि जल्द स्वीकृति हो सकी।






