पाटन।कबीरधाम की धरती पर आयोजित 26वीं राज्य स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में हैंडबॉल कोर्ट पर एक नया इतिहास रचा गया। इस पूरे टूर्नामेंट में दुर्ग संभाग ने न सिर्फ जीत दर्ज की, बल्कि विपक्षी टीमों के हौसले पस्त करते हुए स्टेट चैंपियन का खिताब अपने नाम कर लिया। दुर्ग संभाग की इस ऐतिहासिक बादशाहत के पीछे संस्कार पब्लिक स्कूल (आमालोरी, गाड़ाडीह) की कक्षा 10वीं की सनसनीखेज खिलाड़ी चेतना साहू का वो जादुई खेल रहा, जिसने पूरे मैदान को तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजने पर मजबूर कर दिया।

चेतना की आंधी में उड़ा बस्तर संभाग, फाइनल में दिखाया रौद्र रूप
खिताबी मुकाबला दुर्ग संभाग और बस्तर संभाग की महाशक्तियों के बीच था। लेकिन जैसे ही मुकाबला शुरू हुआ, हैंडबॉल कोर्ट पर चेतना साहू नाम का तूफान आ गया। चेतना ने अपनी चीते जैसी फुर्ती, अचूक पासिंग और पावरफुल शॉट्स से बस्तर संभाग के डिफेंस को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया। पूरे टूर्नामेंट में चेतना का प्रदर्शन किसी मझे हुए अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी की तरह रहा। उनके आक्रामक और आकर्षक खेल की बदौलत ही दुर्ग संभाग ने एकतरफा अंदाज में प्रथम स्थान (विजेता) हासिल कर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
संस्कार पब्लिक स्कूल को अपनी ‘गोल्डन गर्ल’ पर नाज
कक्षा 10वीं की इस छोटी सी उम्र में इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल करने पर संस्कार पब्लिक स्कूल के शाला प्रबंधन, प्रधानाध्यापिका और सभी गुरुजनों ने अपनी इस ‘गोल्डन गर्ल’ को पलकों पर बिठा लिया है। विद्यालय परिवार ने चेतना को बधाई देते हुए कहा कि चेतना ने साबित कर दिया है कि अगर हौसलों में दम हो तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। उन्होंने चेतना के उज्जवल और स्वर्णिम भविष्य की कामना की।
सच ही कहा गया है— “खेलों से बनता है मजबूत कल, और चेतना जैसी बेटियों से होता है हर क्षेत्र सफल!”






