समावेशी समाज की ओर कदम : दिव्यांग एवं सामान्य बच्चों का संयुक्त जागरूकता कार्यक्रम हुआ संपन्न


पंडरिया।कार्यालय खंड स्त्रोत केंद्र मे जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा विभाग के निर्देश में एक विशेष जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम वातावरण निर्माण एवम गैप असेसमेंट प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की मुख्य विशेषता इसका समावेशी स्वरूप रहा। जिसमें 40 दिव्यांग बच्चों, 40 सामान्य बच्चों और उनके अभिभावकों ने एक साथ सहभागिता की।कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगता के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना और शिक्षा के समान अवसरों पर चर्चा करना था।


दिव्यांगता की पहचान एवं समझ


कार्यक्रम के दौरान बीआरपी (BRP) विनोद गोस्वामी ने उपस्थित बच्चों और पालकों को विभिन्न प्रकार की दिव्यांगताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिव्यांगता केवल शारीरिक नहीं होती, बल्कि इसके कई रूप जैसे दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित, अस्थिबाधित और बौद्धिक दिव्यांगता हो सकती है। श्री गोस्वामी ने जोर देते हुए कहा कि
“यदि हम सही समय पर दिव्यांगता के लक्षणों को पहचान लें और सही मार्गदर्शन प्रदान करें, तो ये बच्चे भी समाज की मुख्यधारा में अपनी विशेष पहचान बना सकते हैं।”
प्रेरणा का स्रोत: हेलेन केलर का जीवन
बीआरसी (BRC) राम मुरारी यादव ने बच्चों को विश्वप्रसिद्ध प्रेरक व्यक्तित्व हेलेन केलर के जीवन संघर्ष और उनकी सफलताओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि हेलेन केलर ने अपनी शारीरिक सीमाओं को कभी अपनी प्रगति के आड़े नहीं आने दिया। इसके साथ ही, उन्होंने सरकार द्वारा दिव्यांग बच्चों के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं, छात्रवृत्ति और सहायक उपकरणों के वितरण संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।

पालकों और बच्चों का उत्साह


कार्यक्रम में आए सामान्य बच्चों ने दिव्यांग साथियों के साथ मिलकर विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया। जो “सह-अस्तित्व” का एक सुंदर उदाहरण था। पालकों ने भी अपनी जिज्ञासाओं का समाधान विशेषज्ञों के माध्यम से प्राप्त किया।इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में दूज राम का विशेष सहयोग रहा, जिन्होंने कार्यक्रम के समन्वय और प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उपस्थित पालकों ने इस सत्र की सराहना की और विशेषज्ञों से अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया।