तेलीगुंडरा में आवारा पशुओं से फसलें बर्बाद, किसान परेशान; कलेक्ट्रेट घेराव की दी चेतावनी


पाटन: ग्राम तेलीगुंडरा में इस वर्ष अधिकांश किसानों ने बेहतर लाभ की आशा में दलहन और तिलहन की फसलों की बुवाई की है। किसान अपनी फसलों की अच्छी देखरेख भी कर रहे हैं, लेकिन पाटन नगर पंचायत और आसपास के गांवों से छोड़े गए आवारा पशुओं के कारण फसलें पूरी तरह से बर्बाद होने की कगार पर पहुँच गई हैं।
किसानों का कहना है कि सरकार द्वारा गौठान योजना के प्रति उदासीनता बरतने के कारण आज हर गाँव में फसलें पशुओं का चारा बन रही हैं। आरोप है कि ‘अटारी गौठान’ से जानवरों को समय से पहले ही छोड़ दिया गया, और इस संबंध में सवाल पूछने पर जिम्मेदार लोग गोल-मोल जवाब दे रहे हैं।
हाल ही में ग्राम रक्षक समिति, ग्राम पंचायत और किसानों की एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शासन-प्रशासन से गुहार लगाई गई कि फसलों की सुरक्षा के लिए गौठानों को पुनः व्यवस्थित रूप से संचालित किया जाए। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समाधान नहीं निकला, तो प्रत्येक घर से किसान कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रदर्शन करेंगे।
इस बैठक में मुख्य रूप से जनपद सदस्य दिनेश साहू, ग्राम रक्षक समिति अध्यक्ष रेखराम साहू, सरपंच हुलेश्वरी साहू सहित बीरेंद्र साहू, प्रेमलाल साहू, राजाराम साहू और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।