केंद्र सरकार की वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन योजना छत्तीसगढ़ में भी लागू होने जा रहा है। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय में मंगलवार को राज्य के 9 विश्वविद्यालय और 335 महाविद्यालयों के नोडल अफसरों को वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग, इनफ्लिबनेट और राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के बीच त्रिपक्षीय एमओयू होगा। इसके साथ ही राज्य के सभी सरकारी महाविद्यालय, विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल संस्थान तथा शोध केंद्र राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से लाखों शोध लेख, प्रकाशन और ई-बुक्स तक सीधे पहुंच बना सकेंगे। क्लाउड आधारित प्लेटफॉर्म से विश्वविद्यालयों के आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर पर वित्तीय बोझ भी कम होगा। बता दें कि बस्तर, सरगुजा और अन्य आदिवासी अंचलों में महंगी अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स और ई-रिसोर्सेज तक संस्थागत पहुंच कम है।
शोध की गुणवत्ता बढ़ेगी
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन लागू होने से पूरी शिक्षा व्यवस्था को एक समान डिजिटल प्लेटफार्म मिलेगा। इससे यह असमानता खत्म होगी। दूरस्थ और संसाधन-विहीन क्षेत्रों के छात्रों को भी वही सामग्री मिलेगी, जो अब तक केवल बड़े संस्थानों तक सीमित थी। इससे छत्तीसगढ़ में शोध की गुणवत्ता और शोध प्रकाशनों की संख्या बढ़ सकती है।
क्या है इनफ्लिबनेट यह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) एवं शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार का अंतर-विश्वविद्यालय केंद्र है। यह देशभर के शैक्षणिक समुदाय को लाइब्रेरी ऑटोमेशन, डिजिटल संसाधन, शोध प्रबंधन, ई-कंटेंट, प्लेगरिज्म डिटेक्शन और अकादमिक प्रोफाइलिंग जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं लगभग निःशुल्क उपलब्ध कराता है।







