पाटन के गौरवशाली इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम में योगदान के बारे में छात्रों ने दी विस्तृत जानकारी…दाऊ रामचंद्र साहू सेजस विद्यालय में हुआ कार्यक्रम



पाटन ।दाऊ रामचंद्र साहू स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय पाटन में आयोजित एक कार्यक्रम में पाटन क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व, स्वतंत्रता सेनानियों और उपलब्धियों के बारे में जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम में स्कूल के विद्यार्थियों ने विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की

स्वामी आत्मानंद  जी

स्वामी आत्मानंद जी, जिन्हें “छत्तीसगढ़ की आधुनिक शिक्षा का जनक” माना जाता है एक प्रसिद्ध संत, समाज सुधारक  और शिक्षाविद थे ।
उनका जन्म 6 अक्टूबर 1929 को रायपुर जिले के बरबंदा गांव में हुआ था । उनके बचपन का नाम  तुलेंद्र था l
वे रामकृष्ण मिशन के एक प्रमुख सदस्य थे l वे स्वामी विवेकानंद के विचारों से बहुत प्रभावित थे उन्होंने अपना जीवन गरीबों ,आदिवासियों और वंचितों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया ।
उन्होंने शिक्षा के प्रसार के लिए कई स्कूलों और छात्रावास बनाएं ।
उनके प्रयासों से छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जाति और जनजातीय क्षेत्रों में सामाजिक  -आर्थिक उन्नति हुई  ।
उनकी मृत्यु के बाद, छत्तीसगढ़ सरकार ने उनके नाम पर स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना शुरू की, ताकि उनके आदर्शों को आगे बढ़ाया जा सके ।
छत्तीसगढ़ के महान दानवीरों में से एक,
                 दाऊ रामचंद्र साहू
परिचय  :
दाऊ रामचंद्र साहू जी पाटन के ग्राम  तेलीगुन्डरा से थे ।
इन्होंने कुल 60 एकड़ जमीन दान में दे दी ।
इन्होंने बताया कि  इंसान धन से नहीं बल्कि विचारों से कर्मों से इंसान बड़ा बनता है ।

पाटन का इतिहास और महत्व

पाटन ब्लॉक छत्तीसगढ़ राज्य के दुर्ग जिले के मध्य में स्थित है, जो दुर्ग शहर से लगभग 30 किलोमीटर और रायपुर से लगभग 32 किलोमीटर की दूरी पर है। यह ग्रामीण कृषि प्रधान क्षेत्र है जो धान और गेहूं जैसी फसलों के लिए जाना जाता है। पाटन अपनी परंपरागत मेलों और लोक संस्कृति के लिए भी प्रसिद्ध है, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत को दर्शाती है।

महामाया मंदिर का इतिहास

पाटन में स्थित महामाया मंदिर एक बहुत प्राचीन और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण मंदिर है, जो देवी महामाया को समर्पित है। माना जाता है कि यह मंदिर लगभग 1400 वर्ष पुराना है और कल्चुरी राजाओं द्वारा निर्मित किया गया था।

पाटन के स्वतंत्रता सेनानी

आचार्य रामदास,  लखन लाल कश्यप,  हिम्मत  आडिल

  सुखरु राम धुरंधर, मधु मंगल प्रसाद सावर्णी और  राम नारायण सोनी पाटन के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी थे।

पाटन की उपलब्धियां

चमन लाल कोसे, एक प्रसिद्ध पर्वतारोही, जिन्होंने हिमाचल प्रदेश के फ्रेंडशिप पिक पर छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का झंडा फहराया। जामगांव एम में हर्बल मेडिसिन प्लांट स्वच्छता संरक्षण 2025 में दूसरा स्थान प्राप्त किया और 2024 में प्रथम स्थान प्राप्त किया।

कार्यक्रम की प्रस्तुति

स्कूल के विद्यार्थियों ने कला, गायन और नाटक के माध्यम से पाटन क्षेत्र के बारे में जानकारी दी। प्रस्तुति को दर्शकों ने बहुत सराहा। शिक्षकों ने छात्रों के प्रयासों की सराहना की और अभिभावकों ने भी अपने बच्चों के प्रदर्शन पर गर्व व्यक्त किया।

कार्यक्रम में उपस्थित

    प्रधानाचार्य वेलेंटीना मसीह,माध्यमिक विद्यालय की प्रधान पाठिका अंजू राय, युगल किशोर साहू, नंदिता पाण्डेय, ममता चंद्राकर और अन्य शिक्षक छात्रों के कार्यक्रम में मार्गदर्शक के रूप में उपस्थित थे। रिया वर्मा, यानक्षी सिंह, ओंकार चक्रधारी और मोहित साहू द्वारा शानदार प्रस्तुति दी गई। इस कार्यक्रम में शाला प्रबंधन समिति के सदस्य कुणाल शर्मा, नितेश तिवारी, भास्कर सावर्णी, रेणुका बीजौर और अन्य सदस्य गण उपस्थित थे।