कृषि महाविद्यालय मर्रा के विद्यार्थियों ने किसानों को बीजों की उन्नत किस्म एवं बीजोपचार का प्रदर्शन कर जानकारी दिया





संत विनोबा भावे कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र मर्रा (पाटन) के बीएससी चतुर्थ वर्ष के छात्र-छात्राओं का ग्रामीण कृषि कार्यानुभव कार्यक्रम (रावे) महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. अनिल कुमार वर्मा के मार्गदर्शन एवं कार्यक्रम समन्वयक डॉ. ओमप्रकाश परगनिहा के नेतृत्व में ग्राम बेलौदी में संचालित है। जिसके अंतर्गत किसानों को बीजों की उन्नत किस्म एवं बीजोपचार का प्रदर्शन किया गया।

प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों ने कहा कि कृषि उत्पादन की पूरी प्रक्रिया में उत्तम गुणवत्ता वाले बीज सबसे महत्वपूर्ण घटक माने जाते हैं। किसानों को अंकुरण क्षमता, नमी प्रतिशत, शुद्धता, रोग व कीट रहित बीज, किस्म की शुद्धता तथा प्रमाणित बीज के चयन की वैज्ञानिक प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

विद्यार्थियों ने बताया कि समय पर बीजोपचार करने से फसलों में प्रारंभिक अवस्था के रोगों की रोकथाम होती है, पौधों की वृद्धि बेहतर होती है और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होती है। इस अवसर पर किसानों को थाइरम, कार्बेन्डाज़िम,  जैव-कीटनाशक आदि से बीजोपचार की सही विधि का लाइव प्रदर्शन भी दिखाया गया।
किसानों ने पूछे फसल रोगों के समाधान- कार्यक्रम के दौरान किसानों ने विभिन्न फसलों पर लगने वाली बीमारियों के बारे में प्रश्न पूछे। विद्यार्थियों ने गेहूं, चना, धान, सब्जियों आदि में सामान्यतः होने वाले रोग जैसे – झुलसा, ब्लास्ट, पत्ती धब्बा, जड़ सड़न, फफूंद जनित रोग – के कारण, पहचान एवं नियंत्रण उपायों की विस्तार से जानकारी दी।
किसानों को रोग प्रबंधन के लिए -फसल चक्र अपनाने, समुचित नमी प्रबंधन, समय पर फफूंदनाशी छिड़काव, जैव-फफूंदनाशकों के उपयोग, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, जैसी व्यावहारिक एवं वैज्ञानिक सलाह प्रदान की गई।

कार्यक्रम का तकनीकी मार्गदर्शन सहायक प्राध्यापक डॉ. आशीष कुमार तिवारी एवं डॉ. अंजली वर्मा द्वारा प्रदान किया गया। दोनों शिक्षकों ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने एवं गुणवत्तापूर्ण बीज उपयोग करने की प्रेरणा दी।

किसानों ने इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि रावे कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों द्वारा दी जा रही जानकारी व्यावहारिक खेती में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है। ऐसे कार्यक्रम गांव में कृषि जागरूकता बढ़ाने और किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इस अवसर पर वरिष्ठ किसान दाऊ श्री हितेश बघेल, संजू वर्मा, फाल्गो निषाद, इंद्रजीत बघेल, बीरबल यदु, उमाशंकर वर्मा, प्रणय कुमार,रामाधार वर्मा, मितेश कुमार सहित ग्रामवासी व छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।