अंडा।शैलदेवी महाविद्यालय शिक्षा संकाय द्वारा बी.एड., बी.एस.सी. बी.एड., एवं डी.एल.एड. के छात्राध्यापन हेतु ग्राम मचांदुर में एक दिवसीय सामुदायिक शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, व्यावहारिक ज्ञान तथा समुदाय के प्रति संवेदनशीलता का विकास करना था।

इस अवसर परशैलदेवी महाविद्यालय के चेयरमैन राजन कुमार दुबे ने सफल सामुदायिक शिविर के आयोजन के लिए बधाई प्रेषित की और कहा की यह सामुदायिक शिविर छात्राध्यापको को जीवन की वास्तविकता से जोड़ेगा l
सामुदायिक शिविर का प्रारंभ प्रभात फेरी के माध्यम से विद्यार्थियों ने “नियमित स्वच्छता” का संदेश जन-जन तक पहुँचाते हुए इस अवसर पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर ग्रामवासियों के मध्य स्वच्छता के प्रति जागरूकता का सशक्त संचार किया। विद्यार्थियों की इस जीवंत प्रस्तुति ने न केवल लोगों का ध्यान आकर्षित किया, बल्कि उन्हें स्वच्छ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित भी किया।
इसके उपरांत छात्राध्यापक स्थानीय शासकीय विद्यालय पहुँचकर बच्चों के साथ विविध खेलकूद एवं शिक्षण-संबंधी रचनात्मक गतिविधियाँ संपन्न कराते हुए बाल विद्यार्थियों में उत्साह, सहभागिता एवं सीखने की रुचि को सुदृढ़ किया । इसके साथ ही विद्यार्थियों द्वारा ग्राम के घर-घर जाकर सामाजिक एवं शैक्षिक स्थिति का सर्वेक्षण किया गया, जिससे उन्हें ग्रामीण परिवेश, वर्तमान जीवनशैली और समस्याओं की वास्तविक अनुभूति प्राप्त हुई।
दोपहर पश्चात आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में श्री युगल किशोर साहू, सरपंच, उप सरपंच, पंच एवं ग्राम मचांदुर के गणमान्य नागरिक, पंचायत सदस्य की गरिमामयी उपस्थिति रही। l
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अंतर्गत डी.एल.एड. विद्यार्थियों द्वारा “शिक्षा का महत्व” विषय पर प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को गहन रूप से प्रभावित किया। वहीं बी.एड. विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मनोहारी नृत्य ने कार्यक्रम में उल्लास एवं ऊर्जा का संचार किया। मंच संचालन संदीप कुमार एवं लक्ष्मी तपाड़िया द्वारा किया गया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रजनी राय (विभागाद्यक्ष) द्वारा किया गया।
यह सामुदायिक शिविर विद्यार्थियों के लिए एक सशक्त शिक्षण-अनुभव सिद्ध हुआ, जिसमें उन्हें समाज के साथ जुड़कर कार्य करने, सहयोग एवं सेवा की भावना विकसित करने तथा अपने व्यावहारिक शिक्षण कौशल को निखारने का अवसर प्राप्त हुआ। कार्यक्रम की सफलता में शिक्षा विभाग के समस्त प्राध्यापकगण एवं विद्यार्थियों का उल्लेखनीय योगदान रहा।








