निकुम /यदि दृढ़ इच्छा शक्ति है तो दिव्यागता अभिशाप नहीं बल्कि वरदान भी साबित हो सकता है इस बात को सिद्धार्थ किया है दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत भोथली के पूर्व सरपंच वह वर्तमान में स्वर्गीय पुकेश्वर सिंह भारती शासकीय कॉलेज निकुम में जन भागीदारी अध्यक्ष दिव्यांग सुरेश साहू जो बैसाखी और अपने हौसले से गांव समाज व अन्य राज्य में अपनी पहचान बनाई दिव्यांग होने के बावजूद किसी पर बोझ नहीं बने बल्कि कर्म ही पूजा है को लक्ष्य बना कर बीते एक दशक तक ग्राम पंचायत भोथली के सरपंच बन कर गांव की विकास कार्यों से पूरे गांव की तस्वीर व तकदीर बदल दी मनरेगा कार्यों से गांव के विकास के साथ मजदूरों का पलायन भी रोका वही अपनी कार्य काल में ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं नल जल योजना, पी एम आवास, पेंशन, स्ट्रीट लाइट, सी सी रोड, शुद्ध पेय जल सहित शासकीय प्राथमिक शाला, आंगन बाड़ी में समेत स्मार्ट टी वी, वेस्ट वाटर सेविंग स्टाम में हरियाली बिखेर दी गौर हो कि प्राथमिक शाला भोथली स्कूल में 15 से अधिक बार न्यौता भोजन करा कर लोगों को भी प्रेरित किया गया







